{"vars":{"id": "130921:5012"}}

वाराणसी में खतरे के निशान के करीब पहुंची मां गंगा, 2 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा जलस्तर

 

वाराणसी। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के बीच गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वाराणसी में मां गंगा का पानी अब खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के राजघाट, वाराणसी गेज स्थल से 31 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक गंगा का जलस्तर 69.94 मीटर दर्ज किया गया। नदी का जलस्तर फिलहाल 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, राजघाट पर गंगा का चेतावनी स्तर 70.262 मीटर और खतरे का स्तर 71.262 मीटर निर्धारित है। ऐसे में मौजूदा जलस्तर चेतावनी स्तर से करीब 32 सेंटीमीटर नीचे है, जबकि खतरे के निशान से करीब 1.32 मीटर नीचे पानी बह रहा है


84 घाट जलमग्न

गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर काशी के प्रसिद्ध घाटों पर साफ दिखाई दे रहा है। जलस्तर बढ़ने से वाराणसी के 84 घाट पानी में डूब गए हैं। घाटों की सीढ़ियां और कई हिस्से पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। गंगा का पानी लगातार ऊपर आने से घाट किनारे रहने वाले लोगों और श्रद्धालुओं की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।

गंगा के बढ़ते पानी का असर नमो घाट पर भी देखने को मिल रहा है। यहां स्थापित प्रसिद्ध ‘नमस्ते’ प्रतिमा का बड़ा हिस्सा पानी में डूब चुका है। प्रतिमा के आसपास भी गंगा का पानी पहुंच गया है, जिससे घाट का नजारा पूरी तरह बदल गया है।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। सुरक्षा के मद्देनजर नौका संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही गंगा के तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन की ओर से लोगों से गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने और नदी के आसपास जाने से बचने की अपील की जा रही है।

गंगा के जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। यदि पानी इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो आने वाले समय में तटवर्ती इलाकों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।