रामभक्तों की आस्था से खिलवाड़ नहीं सहेंगे: चंदा अनियमितता के आरोपों पर नाले में पिंडदान
वाराणसी। श्रीराम मंदिर निर्माण से जुड़े कथित चंदा घोटाले और आर्थिक अनियमितताओं के आरोपों के विरोध में वाराणसी के समाजसेवी रघुकुल यथार्थ शिवांशु ने रविवार को अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। कंदवा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कथित "चंदा चोरों" का नाले में प्रतीकात्मक पिंडदान कर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद की।
रघुकुल यथार्थ शिवांशु ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास के केंद्र हैं। ऐसे में यदि मंदिर निर्माण अथवा उससे जुड़े किसी भी कार्य में वित्तीय अनियमितता, धन के दुरुपयोग या भ्रष्टाचार के आरोप सामने आते हैं, तो उनकी निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि देशभर के श्रद्धालुओं ने राम मंदिर निर्माण के लिए अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ दान दिया है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि दान की प्रत्येक राशि का उपयोग पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ किया जाए। उनका आरोप है कि यदि किसी स्तर पर चंदे की धनराशि का दुरुपयोग हुआ है, तो यह करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ विश्वासघात के समान है।
समाजसेवी ने नाले में प्रतीकात्मक पिंडदान कार्यक्रम आयोजित कर भ्रष्टाचार और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के खिलाफ जनजागरण का संदेश देने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, ताकि जनता का विश्वास कायम रहे और धार्मिक संस्थाओं की गरिमा भी सुरक्षित रह सके।
रघुकुल यथार्थ शिवांशु ने संबंधित मामलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक, सामाजिक अथवा सार्वजनिक संस्था में भ्रष्टाचार को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।