कचहरी-संदहा मार्ग चौड़ीकरण शुरू, तीन मकानों पर चला बुलडोजर
वाराणसी में कचहरी-संदहा मार्ग चौड़ीकरण परियोजना के तहत प्रशासन ने ध्वस्तीकरण अभियान शुरू कर दिया। कचहरी क्षेत्र में तीन मकानों को बुलडोजर से हटाया गया। कार्रवाई के दौरान बिजली का खंभा टूटकर एक दुकान पर गिर गया, जिससे नुकसान हुआ। प्रशासन ने पहले ही मुआवजा और नोटिस जारी किया था।
वाराणसी: शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कचहरी-संदहा मार्ग चौड़ीकरण परियोजना के तहत प्रशासन ने ध्वस्तीकरण अभियान शुरू कर दिया है। परियोजना की जद में आने वाले तीन मकानों को रविवार को बुलडोजर की मदद से हटाया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में हलचल का माहौल बना रहा।
लोक निर्माण विभाग (PWD), प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में कचहरी क्षेत्र में ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार प्रभावित भवन स्वामियों को पहले ही मुआवजा दिया जा चुका था और मकान खाली करने के लिए नोटिस भी जारी किए गए थे। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद कार्रवाई की गई।
तीन मकानों पर चली कार्रवाई
प्रशासन ने कचहरी क्षेत्र में स्थित मेराज मुर्गा, अफसार नेता मुर्गा वाले और असफर अली के मकानों को ध्वस्त किया। ध्वस्तीकरण के दौरान मेराज मुर्गा वाले के जर्जर मकान को तोड़ते समय एक बिजली का खंभा टूटकर बगल में स्थित नवाबी जायका नामक दुकान पर गिर गया।
उद्घाटन के दिन दुकान को नुकसान
नवाबी जायका के संचालक आसिफ अली उर्फ राजू ने बताया कि रविवार को उनकी दुकान का उद्घाटन होना था। उन्होंने लगभग 700 लोगों के भोजन की व्यवस्था की थी। खंभा गिरने से दुकान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और किचन में कांच टूटकर खाने में गिर गया, जिससे तैयार भोजन का कुछ हिस्सा खराब हो गया।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को प्रभावित होने से बचाने के लिए दोबारा भोजन तैयार करना पड़ा। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर कार्रवाई शुरू होने से पहले क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी।
समझाने के बाद खाली कराया गया मकान
ध्वस्तीकरण के दौरान अफसार नेता के मकान में रहने वाले कुछ लोग शुरुआत में मकान खाली करने को तैयार नहीं थे। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाया, जिसके बाद मकान खाली कराया गया और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी की गई।
जाम से राहत की उम्मीद
प्रशासन का कहना है कि कचहरी-संदहा मार्ग चौड़ीकरण परियोजना पूरी होने के बाद शहर के उत्तरी हिस्से में यातायात दबाव कम होगा और लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी। सड़क चौड़ी होने से कचहरी क्षेत्र की आवाजाही भी अधिक सुगम होगी।