गलत लिंक पर क्लिक करना पड़ा भारी...₹47,500 का लगा चूना, वाराणसी पुलिस ने कराया पूरा पैसा रिफंड
Updated: Apr 16, 2026, 21:12 IST
वाराणसी में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना चोलापुर की साइबर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के शिकार युवक की पूरी रकम वापस दिला दी।
ऑनलाइन नौकरी के नाम पर हुई ठगी
चोलापुर थाना क्षेत्र के महमूदपुर गांव निवासी आकाश यादव के साथ 2 मार्च 2026 को साइबर ठगी की घटना हुई थी। आकाश ऑनलाइन नौकरी का फॉर्म भर रहे थे, तभी उन्होंने गलती से एक संदिग्ध लिंक पर क्लिक कर दिया। इसके बाद उनके खाते से कुल ₹47,500 (₹23,500 + ₹24,000) की राशि ठग ली गई।
तुरंत शिकायत से मिला फायदा
घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत संख्या 33103260048602 के आधार पर थाना चोलापुर की साइबर टीम ने जांच शुरू की।
पुलिस की सक्रियता से पैसा हुआ रिकवर
सहायक पुलिस आयुक्त सारनाथ के पर्यवेक्षण और एसीपी (यू/टी) मानसी दाहिया व प्रभारी निरीक्षक सधुवन राम गौतम के निर्देशन में टीम ने संबंधित बैंकों से संपर्क कर संदिग्ध खातों को फ्रीज कराया।
इसके बाद पूरी ठगी की रकम पीड़ित के खाते में वापस कर दी गई।
आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी में शामिल अपराधियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक राहुल यादव और कांस्टेबल विकास कुमार की अहम भूमिका रही, जिनकी तत्परता से पीड़ित को राहत मिली।
ऑनलाइन नौकरी के नाम पर हुई ठगी
चोलापुर थाना क्षेत्र के महमूदपुर गांव निवासी आकाश यादव के साथ 2 मार्च 2026 को साइबर ठगी की घटना हुई थी। आकाश ऑनलाइन नौकरी का फॉर्म भर रहे थे, तभी उन्होंने गलती से एक संदिग्ध लिंक पर क्लिक कर दिया। इसके बाद उनके खाते से कुल ₹47,500 (₹23,500 + ₹24,000) की राशि ठग ली गई।
तुरंत शिकायत से मिला फायदा
घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत संख्या 33103260048602 के आधार पर थाना चोलापुर की साइबर टीम ने जांच शुरू की।
पुलिस की सक्रियता से पैसा हुआ रिकवर
सहायक पुलिस आयुक्त सारनाथ के पर्यवेक्षण और एसीपी (यू/टी) मानसी दाहिया व प्रभारी निरीक्षक सधुवन राम गौतम के निर्देशन में टीम ने संबंधित बैंकों से संपर्क कर संदिग्ध खातों को फ्रीज कराया।
इसके बाद पूरी ठगी की रकम पीड़ित के खाते में वापस कर दी गई।
आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी में शामिल अपराधियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक राहुल यादव और कांस्टेबल विकास कुमार की अहम भूमिका रही, जिनकी तत्परता से पीड़ित को राहत मिली।