वरुणा नदी किनारे बनेगा विश्वस्तरीय रिवरफ्रंट, VDA और ONGC के बीच हुआ ₹260.61 करोड़ का एमओयू
वाराणसी के समग्र और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) और ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) के बीच ₹260.61 करोड़ की वरुणा रिवरफ्रंट विकास परियोजना के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह परियोजना काशी के शहरी सौंदर्यीकरण, पर्यावरण संरक्षण, नदी पुनर्जीवन और पर्यटन विकास के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
रविवार को हुए इस समझौते पर वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा और ओएनजीसी के सीएसआर प्रमुख नीरज कुमार बंसल ने हस्ताक्षर किए। यह पहल वाराणसी मंडल के आयुक्त एवं वाराणसी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एस. राजलिंगम के मार्गदर्शन और विशेष प्रयासों से साकार हुई है।
CSR फंड से होगा परियोजना का विकास
समझौते के तहत ओएनजीसी अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) योजना के माध्यम से परियोजना के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगा। परियोजना का उद्देश्य वरुणा नदी के तटों को आधुनिक सुविधाओं, हरित क्षेत्रों और पर्यटन आकर्षणों से युक्त एक विश्वस्तरीय रिवरफ्रंट के रूप में विकसित करना है।
बदलेगी वरुणा नदी तट की तस्वीर
परियोजना के तहत नदी किनारे पैदल पथ, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, खुले सार्वजनिक स्थल, हरित क्षेत्र और अन्य नागरिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे न केवल नदी तट का सौंदर्य बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
यह परियोजना भारत सरकार के "वॉटर बॉडी रीजुवेनेशन मिशन" के उद्देश्यों के अनुरूप भी है, जिसका लक्ष्य जल निकायों का संरक्षण, नदी पुनर्जीवन, पारिस्थितिकीय संतुलन और सतत शहरी विकास को बढ़ावा देना है।
काशी को वैश्विक पहचान देने की दिशा में कदम
अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना प्रधानमंत्री Narendra Modi की काशी को आधुनिक सुविधाओं से युक्त वैश्विक शहर के रूप में विकसित करने की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में प्रदेश सरकार भी शहरी विकास, नदी संरक्षण और पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने पर लगातार कार्य कर रही है।
चरणबद्ध तरीके से होगा कार्य
परियोजना के तहत विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने से लेकर निर्माण और विकास कार्यों तक सभी प्रक्रियाएं चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी। परियोजना के पूर्ण होने के बाद वरुणा नदी तट पर्यावरणीय दृष्टि से अधिक समृद्ध होने के साथ-साथ काशी का एक प्रमुख पर्यटन एवं सार्वजनिक आकर्षण केंद्र बनकर उभरेगा।
इस अवसर पर ओएनजीसी के महाप्रबंधक अटल श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता अजय पंवार, अवर अभियंता विजय सिंह, आईटी विशेषज्ञ दिनेश सिंह सहित दोनों संस्थाओं के कई अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना वाराणसी को एक स्वच्छ, हरित, आधुनिक और विश्वस्तरीय शहर के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।