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वाराणसी-चंदौली बॉर्डर पर चला रहा था करोड़ों का जुआ सिंडिकेट, 25 हजार का इनामी ‘देवता’ निकला मास्टरमाइंड

वाराणसी-चंदौली बॉर्डर पर सक्रिय जुआ सिंडिकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। 25 हजार का इनामी सुनील यादव उर्फ देवता इसका मास्टरमाइंड निकला। पुलिस को चकमा देकर वह वर्षों से जुआ और सट्टेबाजी का नेटवर्क चला रहा था। अब पुलिस उसके सहयोगियों की भी जांच कर रही है।

 

वाराणसी/चंदौली: पड़ाव क्षेत्र के सेमरा गांव में जुआ के फड़ पर छापे के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। 25 हजार रुपये का इनामी आरोपी सुनील यादव उर्फ देवता ही इस पूरे जुआ सिंडिकेट का सरगना निकला है, जो पिछले करीब पांच वर्षों से सक्रिय था।

बॉर्डर बदलकर देता रहा पुलिस को चकमा

पुलिस के अनुसार, आरोपी कमिश्नरेट वाराणसी और चंदौली पुलिस को लगातार चकमा देता रहा। रामनगर पुलिस कार्रवाई करती तो वह चंदौली सीमा में छिप जाता और चंदौली पुलिस दबिश देती तो वह कमिश्नरेट क्षेत्र में पहुंच जाता था।

रामनगर से सेमरा तक बनाया नेटवर्क

पहले वह रामनगर क्षेत्र में जुआ संचालित करता था, लेकिन पुलिस सख्ती के बाद उसने अपना ठिकाना चंदौली के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के सेमरा गांव में बना लिया। जलीलपुर चौकी क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उसने लंबे समय तक अपनी गतिविधियों को छिपाए रखा।

छापेमारी में मिला बड़ा नेटवर्क

छह दिन पहले चंदौली एसओजी और मुगलसराय पुलिस ने सेमरा गांव में ओमप्रकाश उर्फ मग्गू पटेल के मकान पर छापा मारा था। कार्रवाई के दौरान डेढ़ लाख रुपये से अधिक नकदी, 14 आरोपी और 50 से ज्यादा बाइक बरामद हुई थीं। हालांकि, मुख्य आरोपी मौके से फरार हो गया था।

IPL सट्टेबाजी से बना सिंडिकेट किंग

जांच में सामने आया कि अलीनगर क्षेत्र का निवासी देवता आईपीएल सट्टेबाजी के जरिए इस नेटवर्क में उभरा। वह होटल, गेस्ट हाउस और गंगा किनारे डोमरी, कटेसर व सूजाबाद जैसे इलाकों में जुआ संचालित करता था। यहां रोजाना 5 से 7 लाख रुपये तक की बाजी लगती थी।

हारने वालों को ब्याज पर पैसे, फिर जुआ में धकेलना

सूत्रों के अनुसार, हारने वाले जुआरियों को उसके सहयोगी ब्याज पर पैसा देकर फिर से जुआ खेलने के लिए मजबूर करते थे। इस तरह पूरा नेटवर्क लंबे समय से संचालित हो रहा था।

जांच के दायरे में सहयोगी और संरक्षणदाता

एसओजी अब आरोपी के मोबाइल की कॉल डिटेल, बैंक खातों और उसके सहयोगियों की जांच कर रही है। कई लोगों को चिन्हित किया गया है और संरक्षण देने वालों पर भी कार्रवाई की तैयारी है। आशंका है कि आरोपी कोर्ट में सरेंडर कर सकता है।