खनन परियोजना में निवेश का झांसा देकर 5.67 करोड़ की ठगी, हाई-प्रोफाइल बनकर ठग ने कारोबारी को लगाया चूना
वाराणसी में खनन परियोजना में निवेश के नाम पर 5.67 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने 20% रिटर्न का झांसा देकर कारोबारी से रकम ली। पीड़ित की शिकायत पर दशाश्वमेध थाने में धोखाधड़ी और गबन का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
वाराणसी: खनन परियोजनाओं में निवेश का लालच देकर करोड़ों रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को बड़े कारोबारी के रूप में पेश कर ऊंचे मुनाफे का झांसा दिया और योजनाबद्ध तरीके से पीड़ित को जाल में फंसा लिया।
20 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर बनाया शिकार
दशाश्वमेध क्षेत्र के कारोबारी आशीष गुप्ता के अनुसार, उनकी मुलाकात एक परिचित के जरिए पिंडरा क्षेत्र निवासी पवन कुमार सिंह से हुई थी। आरोपी ने खनन कारोबार में अपने प्रभाव और बड़े नेटवर्क का दावा करते हुए निवेश का प्रस्ताव रखा।
उसने भरोसा दिलाया कि खनन लाइसेंस, मशीनरी और परियोजनाओं में निवेश पर सालाना 20 प्रतिशत तक का रिटर्न मिलेगा, जिससे प्रभावित होकर पीड़ित ने निवेश करना शुरू कर दिया।
एक साल में 5.67 करोड़ रुपये ट्रांसफर
पीड़ित का आरोप है कि अप्रैल 2023 से जुलाई 2024 के बीच आरोपी के कहने पर अलग-अलग खातों में कुल 5 करोड़ 67 लाख रुपये जमा किए गए। कुछ समय तक आरोपी भरोसा बनाए रखने के लिए संपर्क में रहा, लेकिन बाद में उसने दूरी बना ली और रकम लौटाने से इनकार कर दिया। इससे पूरे मामले में ठगी की आशंका स्पष्ट हो गई।
पूर्व नियोजित साजिश के तहत की गई ठगी
शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने पहले से योजना बनाकर खुद को हाई-प्रोफाइल कारोबारी बताया और फर्जी व्यावसायिक गतिविधियों का हवाला देकर पैसे हड़पे। यह पूरा मामला एक सुनियोजित आपराधिक साजिश के तहत अंजाम दिया गया, जिसमें भरोसे का फायदा उठाकर बड़ी रकम ठगी गई।
पीड़ित की तहरीर पर दशाश्वमेध थाने में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और धमकी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पीड़ित ने पुलिस से आरोपी के बैंक खातों को फ्रीज करने की मांग की है, ताकि रकम की आगे हेराफेरी रोकी जा सके। थानाध्यक्ष संतोष सिंह के अनुसार, दोनों पक्ष कारोबारी हैं और उनके बीच पहले से लेनदेन रहा है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।