सावधान! वाराणसी में नया साइबर स्कैम, फ्री एंटरटेंमेंट ऐप पर वेब सीरीज देखने के चक्कर में खाते से उड़ गए 1 लाख
वाराणसी में फ्री एंटरटेंमेंट ऐप डाउनलोड करना युवक को भारी पड़ गया। Netflix, Amazon और Hotstar फ्री दिखाने के नाम पर साइबर ठगों ने मोबाइल हैक कर खाते से करीब 1 लाख रुपये उड़ा दिए। साइबर पुलिस ने लोगों को फेक ऐप और APK फाइल्स से सावधान रहने की चेतावनी दी है।
वाराणसी: सोशल मीडिया और OTT प्लेटफॉर्म के बढ़ते क्रेज के बीच अब साइबर ठगों ने लोगों को निशाना बनाने का नया तरीका खोज लिया है। Netflix, Amazon Prime, Hotstar जैसी पेड सेवाएं फ्री में दिखाने का दावा करने वाले इंटरटेंमेंट ऐप अब साइबर अपराधियों का नया हथियार बन गए हैं। वाराणसी में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां एक युवक फ्री वेब सीरीज देखने के लालच में साइबर ठगी का शिकार हो गया।
Instagram पर दिखा विज्ञापन, डाउनलोड करते ही शुरू हुआ खेल
कैंट क्षेत्र के रहने वाले अहमद ने इंस्टाग्राम पर एक एंटरटेंमेंट ऐप का विज्ञापन देखा। ऐप में दावा किया गया था कि बिना किसी सब्सक्रिप्शन के Netflix, Amazon Prime, Hotstar और अन्य OTT प्लेटफॉर्म की मूवी और वेब सीरीज मुफ्त में देखी जा सकती हैं।
युवक ने ऐप डाउनलोड किया तो पहले दिन उसे एक वेब सीरीज और कुछ फिल्मों के ट्रेलर दिखाई दिए। इससे उसे ऐप असली लगा। लेकिन अगले ही दिन ऐप ने काम करना बंद कर दिया। युवक ने इसे सामान्य तकनीकी समस्या समझकर ऐप अनइंस्टॉल कर दिया।
ऐप हटाते ही मोबाइल हुआ बंद, खाते से उड़ गए पैसे
ऐप हटाने के कुछ समय बाद युवक का मोबाइल अचानक बंद हो गया। करीब दो घंटे बाद जब मोबाइल दोबारा चालू हुआ तो उसके होश उड़ गए। इस दौरान साइबर ठग यूपीआई के जरिए उसके खाते से लगभग 1 लाख रुपये निकाल चुके थे।
पीड़ित ने तुरंत कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला साइबर सेल तक पहुंचा। पुलिस अब बैंक ट्रांजैक्शन और ऐप की तकनीकी जांच कर रही है।
कैसे काम करता है यह नया साइबर स्कैम?
साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऐसे फर्जी एंटरटेंमेंट ऐप्स में एक खतरनाक कोड छिपा होता है, जो मोबाइल में इंस्टॉल होते ही ठगों को रिमोट एक्सेस दे देता है। यह किसी एनीडेस्क या स्क्रीन कंट्रोल सिस्टम की तरह काम करता है।
जब यूजर ऐप के जरिए मूवी या वेब सीरीज खोजने में व्यस्त रहता है, उसी दौरान साइबर अपराधी मोबाइल का डेटा, फोटो, कॉन्टैक्ट, बैंकिंग डिटेल्स और यूपीआई एक्सेस हासिल कर लेते हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि कई मामलों में ठगी तुरंत नहीं होती। अपराधी एक-दो दिन बाद मोबाइल हैक कर ट्रांजैक्शन करते हैं ताकि यूजर को शक न हो।
हर कुछ दिन में सामने आ रहे ऐसे मामले
साइबर सेल प्रभारी मनोज तिवारी के मुताबिक, इस तरह की शिकायतें अब लगातार बढ़ रही हैं। लगभग हर चौथे-पांचवें दिन फ्री एंटरटेंमेंट ऐप के जरिए ठगी के मामले सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लोग फ्री OTT कंटेंट के लालच में बिना जांच-पड़ताल किए ऐप डाउनलोड कर लेते हैं, जिसका फायदा साइबर गिरोह उठा रहे हैं।
साइबर पुलिस की चेतावनी
एसीपी साइबर अपराध विदुष सक्सेना ने लोगों को सावधान करते हुए कहा कि अनधिकृत एंटरटेंमेंट ऐप और APK फाइल्स बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं। ऐसे ऐप डाउनलोड करने से मोबाइल और बैंकिंग डेटा सीधे साइबर अपराधियों के हाथ में पहुंच सकता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि केवल Google Play Store या Apple App Store जैसे अधिकृत प्लेटफॉर्म से ही ऐप डाउनलोड करें और किसी भी फ्री OTT ऑफर पर आंख बंद करके भरोसा न करें।
कैसे बचें इस साइबर ठगी से?
- किसी भी अनजान एंटरटेंमेंट ऐप को डाउनलोड न करें
- APK फाइल इंस्टॉल करने से बचें
- बैंकिंग ऐप और यूपीआई पर मजबूत सुरक्षा रखें
- मोबाइल में एंटीवायरस का इस्तेमाल करें
- संदिग्ध ऐप तुरंत हटाएं और बैंक अलर्ट ऑन रखें
- साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें