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मुगलसराय में आखिर क्यों हुई थी दवा कारोबारी की हत्या? पुलिस ने खोला राज़, 3 गिरफ्तार

चंदौली में कन्हैया टॉकीज की जमीन विवाद में दवा कारोबारी रोहिताश पाल की हत्या का पुलिस ने एक सप्ताह में खुलासा कर दिया। तीन साजिशकर्ता गिरफ्तार किए गए, जबकि शूटरों की तलाश जारी है। विवाद फर्जी नामांतरण और कब्जे के प्रयास से शुरू हुआ था, जिसे रोहिताश कानूनी रूप से चुनौती दे रहे थे।
 

चंदौली: मुगलसराय में जीटी रोड स्थित कन्हैया टॉकीज की करोड़ों रुपये की जमीन पर कब्जे की लड़ाई दवा कारोबारी रोहिताश पाल के लिए जानलेवा बन गई। पुलिस ने हत्याकांड के करीब एक सप्ताह बाद तीन साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर पूरी घटना से पर्दा उठा दिया है। वहीं वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों की तलाश में नौ टीमें लगाई गई हैं।

पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में बताया कि घटना की तह तक पहुंचने के लिए एसओजी, स्वाट और सर्विलांस टीम को लगाया गया। पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास लगाए गए करीब 300 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और इन्हीं से आरोपियों तक पहुंच बनाई।

पुलिस ने मुगलसराय के लाट नंबर-2 निवासी ओमप्रकाश जायसवाल, गल्ला मंडी चौराहा निवासी मनोज कुमार जायसवाल और वाराणसी के नदेसर इलाके के दीप अपार्टमेंट निवासी भानू जायसवाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में तीनों ने रोहिताश की हत्या की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की।

कन्हैया टॉकीज की जमीन से शुरू हुआ विवाद

जांच में सामने आया कि मृतक रोहिताश के दादा राजाराम की दूसरी पत्नी शांति देवी की बेटियों, प्रीति, गीता पाल, उमा पाल, निशा पाल और वीणा पाल ने विवादित कन्हैया टॉकीज की जमीन फर्जी रूप से अपने नाम कराकर उसे कम दामों पर भानू जायसवाल को बेच दिया था। भानू उक्त संपत्ति पर कब्जा लेने की कोशिश कर रहा था, लेकिन रोहिताश इसका लगातार विरोध करते रहे और बैनामा रद्द कराने के लिए अदालत का दरवाजा भी खटखटाया।

जब लंबे प्रयास के बाद भी कब्जा नहीं मिल सका तो साजिशकर्ताओं ने रोहिताश को रास्ते से हटाने का फैसला किया और शूटरों के जरिये उनकी गोली मारकर हत्या करवा दी।

पुलिस का दावा है कि शूटरों की गिरफ्तारी भी जल्द ही कर ली जाएगी। इस मामले की जांच और कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक गगनराज सिंह, एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक आशीष मिश्रा, अपराध निरीक्षक चंद्रकेश शर्मा, एसआई अजय कुमार, एसआई मनोज कुमार तिवारी, एसआई अभिषेक शुक्ला, हेड कांस्टेबल सहजानंद चौधरी और कांस्टेबल मोहन सैनी ने मुख्य भूमिका निभाई।