चौबेपुर सामूहिक दुष्कर्म केस: दो नाबालिगों सहित तीन आरोपी गिरफ्तार
वाराणसी के चौबेपुर सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो नाबालिग हैं। सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने के बाद कार्रवाई तेज हुई। पांच आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है और अन्य की तलाश जारी है।
वाराणसी: चौबेपुर थाना क्षेत्र की युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपितों में दो नाबालिग भी शामिल हैं। अन्य आरोपितों की तलाश में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।
चौबेपुर थाना प्रभारी विनोद कुमार सोनकर के अनुसार पुलिस टीम आरोपितों की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान सूचना मिली कि मुख्य आरोपी समेत दो अन्य बरियासनपुर अंडरपास के पास मौजूद हैं। सूचना पर सब इंस्पेक्टर विकास कुमार मौर्य, अनुराग कुमार तिवारी, हेड कांस्टेबल सत्यप्रकाश तिवारी, राजेंद्र सिंह तथा अन्य पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
मुख्य आरोपी की पहचान चंदौली जिले के बलुआ थाना क्षेत्र के पुरा गंगेशकला निवासी प्रभाकर निषाद के रूप में हुई है। दो अन्य आरोपित नाबालिग हैं, जिन्हें किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप
पीड़िता ने तहरीर में आरोप लगाया था कि प्रभाकर निषाद पिछले एक वर्ष से शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। जब युवती ने शादी के लिए दबाव बनाया तो उसके साथ मारपीट की गई।
24 फरवरी को एक परिचित किशोरी मोबाइल बनवाने के बहाने उसे कैथी ले गई, जहां गंगा किनारे सुनसान स्थान पर प्रभाकर और उसके साथ मौजूद चार युवकों ने उसे पकड़कर सामूहिक दुष्कर्म किया।
प्रारंभ में पुलिस ने केवल मुख्य आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। युवती की मां ने अन्य आरोपितों को बचाने का आरोप लगाया। मामला इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने संज्ञान लिया।
इसके बाद कैथी चौकी प्रभारी अनिल कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया, जबकि थाना प्रभारी इंद्रेश कुमार को लाइन हाजिर किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर 26 फरवरी को प्रभाकर समेत पांच आरोपितों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया। फिलहाल तीन आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।