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कोरियन कल्चर का झांसा देकर 2 नाबालिगों की तस्करी की साजिश, भूटान के रास्ते कोरिया भेजने की थी तैयारी
 

 

सिलीगुड़ी। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में मानव तस्करी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने दो नाबालिग छात्राओं को सिलीगुड़ी से सकुशल बरामद कर लिया है। जांच में सामने आया है कि तस्करों की योजना दोनों छात्राओं को भूटान के रास्ते दक्षिण कोरिया भेजने की थी। इसके लिए पिछले करीब सात महीनों से उन्हें ऑनलाइन एप के जरिए कोरियन भाषा सिखाई जा रही थी।

पुलिस जांच में डिजिटल दुनिया के जरिए मानव तस्करी के खतरनाक नेटवर्क का खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि तस्कर अब पारंपरिक तरीकों के बजाय ऑनलाइन मल्टीप्लेयर गेम्स और विदेशी भाषा सीखने वाले अनधिकृत एप का इस्तेमाल कर नाबालिगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। खास तौर पर 11 से 16 वर्ष की उम्र की लड़कियां इनके निशाने पर हैं।

पुलिस के अनुसार, तस्कर पहले गेम की रणनीति साझा करने या भाषा सिखाने के बहाने बातचीत शुरू करते हैं। धीरे-धीरे यह बातचीत भावनात्मक जुड़ाव में बदल जाती है। मालदा की दोनों छात्राओं के मामले में भी तस्करों ने ‘के-पॉप’ और ‘के-ड्रामा’ के बढ़ते क्रेज का फायदा उठाया। छात्राओं को कोरियन पॉप कल्चर ग्रुप का हिस्सा बनने का सपना दिखाया गया।

दोनों छात्राओं को एक एप के जरिए नियमित रूप से कोरियन भाषा की ऑनलाइन क्लास दी जा रही थी। पुलिस को आशंका है कि कोलकाता में बैठा गिरोह का एक सदस्य ही उन्हें भाषा सिखा रहा था। इसी संदिग्ध ने छात्राओं को स्कूल से भागने की योजना भी बताई थी। उन्हें सलाह दी गई थी कि वे स्कूल यूनिफॉर्म में ही घर से निकलें, ताकि किसी को शक न हो।

योजना के तहत दोनों छात्राएं मालदा से सिलीगुड़ी जाने वाली बस में सवार हो गईं। सिलीगुड़ी पहुंचने के बाद उन्हें जयगांव ले जाने की तैयारी थी। वहां गिरोह के अन्य सदस्य उन्हें सीमा पार कर भूटान पहुंचाते और फिर विमान के जरिए दक्षिण कोरिया भेजने की योजना थी।

स्कूल जाने की बजाय लापता हुईं छात्राएं

जब दोनों छात्राएं स्कूल जाने के बजाय लापता हो गईं, तो परिजनों ने तुरंत मालदा के इंग्लिश बाजार थाने में सूचना दी। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में दोनों छात्राओं के बस में सवार होने की पुष्टि के बाद सिलीगुड़ी पुलिस से संपर्क किया गया।

इसके बाद एनजेपी थाना पुलिस की टीम ने नौकाघाट मोड़ पर मालदा से आ रही बस को रोककर दोनों छात्राओं को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस अब पूरे मानव तस्करी गिरोह का पता लगाने में जुटी है। साथ ही कोलकाता में बैठे संदिग्ध व्यक्ति की तलाश भी तेज कर दी गई है।