पहले कुत्ते पर किया जहर का ट्रायल, फिर 8 लोगों को उतारा मौत के घाट, 4 महीने बाद खुला राज, सीरियल किलर निकला किराना दुकानदार
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में 4 महीने के दौरान 8 लोगों की कथित हत्या करने वाले साइको किलर रामसहाय जायसवाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर शराब में जहर मिलाकर लोगों की हत्या करने का आरोप है। वह अंतिम संस्कार में भी शामिल होकर शक से बचता था।
Chhattisgarh Serial Killer: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। कसडोल थाना क्षेत्र के खर्वे गांव में चार महीने के भीतर हुई आठ रहस्यमयी मौतों के पीछे जिस शख्स का नाम सामने आया, वह कोई अपराधी नहीं बल्कि गांव का एक किराना दुकानदार निकला। पुलिस ने 46 वर्षीय रामसहाय जायसवाल को गिरफ्तार कर उसे ‘साइको किलर’ बताते हुए आठ हत्याओं और एक हत्या के प्रयास के मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
ग्रामीणों के शक से खुला मौतों का राज
पुलिस के अनुसार फरवरी से 14 मई 2026 के बीच खर्वे गांव में लगातार आठ लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। शुरू में इन मौतों को सामान्य माना गया, लेकिन एक के बाद एक हो रही घटनाओं ने ग्रामीणों को परेशान कर दिया।
6 जून को ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से पुलिस को आवेदन देकर गांव में हुई मौतों की जांच की मांग की और रामसहाय जायसवाल पर संदेह जताया। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीर जांच शुरू की।
कब्र से निकाले गए शव, फॉरेंसिक जांच से मिले सुराग
जांच के दौरान सात मृतकों के शव कब्र से निकालकर रायपुर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल भेजे गए, जहां पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने डीएनए, विसरा और अन्य नमूनों को फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा। एक मृतक बुधराम जायसवाल का अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका था, इसलिए उसका शव जांच के लिए उपलब्ध नहीं था।
पहले कुत्ते पर किया जहर का ट्रायल
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि लोगों को निशाना बनाने से पहले उसने एक कुत्ते को जहर खिलाकर उसका असर देखा था। इसके बाद उसने गांव के लोगों को शराब में जहर मिलाकर पिलाना शुरू किया। पुलिस के मुताबिक सबसे पहले 6 फरवरी को बद्री नामक व्यक्ति को जहर मिली शराब पिलाई गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
एक-एक कर 8 लोगों की हत्या का आरोप
जांच में सामने आया कि आरोपी ने अलग-अलग तारीखों में कई लोगों को जहर देकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने 20 फरवरी को बुठालु, 12 मार्च को छत्तूराम, 20 मार्च को बुधराम, 31 मार्च को विनोद कुमार, 28 अप्रैल को गजानंद, 29 अप्रैल को चैतूराम और 14 मई को महेतरू राम की हत्या की। इसके अलावा 14 अप्रैल को कार्तिक नामक व्यक्ति को भी जहर मिली शराब पिलाई गई थी, लेकिन समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण उसकी जान बच गई।
क्यों करता था हत्या?
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पुरानी रंजिश, छोटे-छोटे विवाद, गाली-गलौज, चरित्र पर संदेह और टोना-टोटका जैसे कारणों से लोगों से नाराज था। इन्हीं वजहों से उसने योजनाबद्ध तरीके से अपने शिकार चुने और उन्हें जहर देकर मारता रहा।
अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था आरोपी
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपी किसी को शक न हो, इसके लिए खुद मृतकों को अस्पताल ले जाने में मदद करता था और उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था। ग्रामीणों के मुताबिक वह हर घटना के बाद सामान्य व्यवहार करता था, जिससे लंबे समय तक किसी को उस पर संदेह नहीं हुआ।
पुलिस ने दर्ज किए 9 मामले
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आठ हत्या और एक हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।