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बरेली में ‘मर्दाना कमजोरी’ दूर करने के नाम पर फर्जीवाड़ा, नकली दवाओं के कॉल सेंटर का भंडाफोड़

 

सोशल मीडिया पर मर्दाना कमजोरी दूर करने का दावा, फोन पर खुद को डॉक्टर और हकीम बताकर भरोसा जीतना और फिर घर बैठे दवा पहुंचाने का खेल। बरेली में इसी फर्जीवाड़े का इज्जतनगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने राजीव एन्क्लेव में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से नकली दवाओं के 85 पैकेट, कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फर्जी लाइसेंस और 1.99 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं।


राजीव एन्क्लेव के मकान में चल रहा था कॉल सेंटर

इज्जतनगर पुलिस को सूचना मिली थी कि राजीव एन्क्लेव स्थित एक मकान से ऑनलाइन नकली दवाओं की बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने वहां छापा मारा। पुलिस के पहुंचने पर एक युवक कंप्यूटर पर ग्राहकों का डेटा संभाल रहा था, जबकि दूसरा खाली कैप्सूल में पाउडर भरकर उन्हें डिब्बियों में पैक कर रहा था।

पुलिस ने मौके से देवरनियां निवासी समीरुद्दीन और बड़ी बिहार निवासी यूसुफ को गिरफ्तार किया। वहीं, यूसुफ का भाई इलियास खान मौके से फरार हो गया।


इंस्टाग्राम पर ‘हर्बल एंड जड़ीबूटी’ नाम से बनाया था पेज

पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपी इंस्टाग्राम पर ‘हर्बल एंड जड़ीबूटी’ नाम से एक फर्जी पेज चला रहे थे। इस पेज के जरिए मर्दाना कमजोरी दूर करने और यौन क्षमता बढ़ाने जैसे भ्रामक दावे किए जाते थे।

समीरुद्दीन खुद को डॉक्टर और हकीम बताकर ग्राहकों से फोन पर बातचीत करता था। ग्राहक उसके झांसे में आने के बाद दवा का ऑर्डर देते थे। इसके बाद कॉल सेंटर से ऑर्डर बुक कर उन्हें पार्सल के जरिए दवाएं भेजी जाती थीं। आरोपियों के मुताबिक ग्राहकों से 250 से 300 रुपये या उससे अधिक की रकम यूपीआई के जरिए ली जाती थी।


सस्ते पाउडर से बनाते थे नकली कैप्सूल

पुलिस के अनुसार आरोपी सहारनपुर और मुरादाबाद के खुले बाजार से सस्ता पाउडर और अन्य कच्चा माल खरीदते थे। इसी से कैप्सूल तैयार कर उन्हें दवाओं की पैकिंग में भर दिया जाता था। पुलिस को शक है कि यह गिरोह करीब एक साल से इस धंधे में सक्रिय था और तैयार दवाओं को देश के अलग-अलग हिस्सों में पार्सल के जरिए भेजता था।

पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए आरोपियों ने फर्जी मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस भी तैयार करा रखा था। इसके अलावा देवरनियां कस्बे में भी गिरोह की एक दुकान संचालित होने की बात सामने आई है।


85 पैकेट दवाएं और 1.99 लाख रुपये बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 6 कंप्यूटर, 8 मॉनिटर, एक लैपटॉप, 3 प्रिंटर और एक स्कैनर बरामद किया। इसके अलावा 12 मोबाइल फोन, नकली दवाओं के 85 पैकेट, पैकिंग का सामान, फर्जी लाइसेंस, 6 चेकबुक और 14 एटीएम कार्ड भी मिले।

पुलिस ने मौके से 1 लाख 99 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब फरार आरोपी इलियास खान के साथ-साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।