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शादी में दादा बन रहे थे रोड़ा, तो प्रेमी संग मिलकर पोती ने रची हत्या की साजिश, गला रेतकर जलाया शव

 

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवती ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर उस दादा की हत्या करवा दी, जो उसके प्रेम संबंध का विरोध कर रहे थे। हत्या के बाद दोनों ने सबूत मिटाने के लिए शव को आग के हवाले कर दिया और पुलिस को गुमराह करने के लिए फर्जी सुसाइड नोट भी तैयार कर दिया।

पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए रविवार को युवती और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

पशुओं के बाड़े में मिला था जला हुआ शव

मामला टूंडला क्षेत्र के मोहम्मदाबाद गांव का है। 25 जून की सुबह 55 वर्षीय किसान नरेंद्र पाल का शव पशुओं के बाड़े में जली हुई हालत में मिला था। शव के गले पर धारदार हथियार से वार के निशान मिलने के बाद पुलिस को हत्या की आशंका हुई।

घटना के कुछ घंटे बाद परिजनों ने पुलिस को एक कथित सुसाइड नोट सौंपा, जिसमें जमीन दोनों बेटों के नाम करने और पोती रश्मि की शादी उसकी मर्जी के खिलाफ होने का जिक्र था। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सुसाइड नोट की परिस्थितियों ने पुलिस का शक गहरा दिया।

कॉल डिटेल से खुला राज

जांच के दौरान पुलिस ने रश्मि के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली, जिसमें शिकोहाबाद निवासी 22 वर्षीय विपिन का नाम सामने आया। पूछताछ में पता चला कि दोनों पिछले चार साल से प्रेम संबंध में थे।

पुलिस हिरासत में विपिन ने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।

6 जुलाई को थी युवती की शादी

पूछताछ में सामने आया कि परिवार ने रश्मि की शादी किसी अन्य युवक से तय कर दी थी और 6 जुलाई को बारात आने वाली थी। वहीं, दादा नरेंद्र पाल प्रेम संबंध के खिलाफ थे और प्रेम विवाह के लिए तैयार नहीं थे।

इसी वजह से दोनों ने उन्हें रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

पहले गला रेता, फिर शव को जलाया

पुलिस के अनुसार, 18 जून को रश्मि अपने प्रेमी के साथ घर से भागकर सोनीपत गई थी, जहां दोनों ने हत्या की साजिश रची। 24 जून को वापस लौटने के बाद उसी रात विपिन ने मौका पाकर नरेंद्र पाल पर चाकू से कई वार किए और गला रेतकर उनकी हत्या कर दी।

इसके बाद शव पर कपड़े और बिस्तर डालकर आग लगा दी गई, ताकि मामला आत्महत्या या हादसा लगे।

फर्जी सुसाइड नोट से पुलिस को किया गुमराह

हत्या के बाद दोनों ने पुलिस का शक भटकाने के लिए एक सुसाइड नोट तैयार किया। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल कॉल डिटेल ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।