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कुशीनगर में दिल दहला देने वाली वारदात: नशेड़ी बेटे ने मां-पत्नी को उतारा मौत के घाट

 

कुशीनगर I उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के परसा गांव में सोमवार सुबह एक ऐसी क्रूर घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। 30 वर्षीय सिकंदर गुप्ता ने नशे की हालत में अपनी 28 वर्षीय पत्नी प्रियंका और 60 वर्षीय मां रूना देवी की पत्थर से सिर कूच-कूचकर हत्या कर दी। हत्या के बाद वह उनकी खोपड़ी से मांस नोचकर खाता रहा और टुकड़े इधर-उधर फेंकता रहा, जिससे ग्रामीणों के रोंगटे खड़े हो गए।

घटना की शुरुआत सुबह करीब 8 बजे हुई, जब प्रियंका और रूना देवी घर की छत पर अलाव के पास बैठी थीं। नशे में धुत सिकंदर वहां पहुंचा। पत्नी ने शराब पीने पर आपत्ति जताई तो दोनों में तीखी बहस हो गई। गुस्से में सिकंदर ने छत पर पड़े पत्थर के टुकड़े से प्रियंका के सिर पर पीछे से वार किया। मां रूना देवी बीच-बचाव में आईं तो उन्हें भी उसी पत्थर से जमकर पीटा। दोनों के सिर कुचल दिए गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

सिकंदर ने करीब डेढ़-दो घंटे तक छत पर तांडव मचाया। वह लाशों से मांस नोचता रहा और बीच-बीच में टुकड़े नीचे सड़क पर फेंकता रहा। गुजर रहे ग्रामीणों ने मांस के टुकड़े देखे तो संदेह हुआ। उन्होंने सिकंदर और घरवालों को आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। कुछ युवकों ने छत पर चढ़ने की कोशिश की तो सिकंदर ने उन पर ईंटें फेंकीं। ग्रामीणों ने बताया कि वह छत पर बैठकर मांस खा रहा था और टुकड़े फेंक रहा था।

इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। अहिरौली बाजार थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे की मशक्कत और ग्रामीणों की मदद से सिकंदर को दबोचा गया। उसके दोनों हाथ खून से सने थे और चेहरा भावशून्य था, जैसे उसे अपनी करतूत पर कोई पछतावा नहीं। पुलिस उसे ले जाती समय वह पुलिसवालों पर थूकता रहा, लेकिन ग्रामीणों से आंख नहीं मिला पाया। हत्या में इस्तेमाल पत्थर जब्त कर लिया गया है।

पुलिस का इनकार, लेकिन ग्रामीणों के दावे

पुलिस ने मांस खाने की बात से इनकार किया है, लेकिन ग्रामीणों और चश्मदीदों के बयानों में यह बार-बार सामने आया है। एसपी कुशीनगर केशव कुमार (या केशव मिश्रा, विभिन्न रिपोर्ट्स में उल्लेख) ने बताया कि दोहरे हत्या का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी की मानसिक स्थिति की जांच की जा रही है। सिकंदर को उसकी बहन की तहरीर पर गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

परिवार में तनाव के कारण

परसा गांव के लोगों के अनुसार, सिकंदर की शादी चार साल पहले देवरिया जिले के सवना लक्ष्मण गांव निवासी प्रियंका से हुई थी। शादी के बाद भी कोई संतान नहीं हुई, जिससे परिवार में तनाव था। सिकंदर नशे का आदी था, कोई ठोस रोजगार नहीं था और परिवार की जिम्मेदारी नहीं निभाता था। मां रूना देवी बहू की गोद सूनी होने से परेशान रहती थीं और झाड़-फूंक, मंदिरों में दौड़ लगाती थीं। पिता की मौत भी कुछ साल पहले हादसे में हो चुकी थी। नशे और संतान न होने से घर में लगातार कलह बनी रहती थी।