कहीं आपकी जेब में रखा 20 रुपये का सिक्का नकली तो नहीं? यूपी पुलिस ने किया बड़े गिरोह का खुलासा, ऐसे करें असली सिक्के की पहचान
उत्तर प्रदेश में 20 रुपये के नकली सिक्कों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सहारनपुर पुलिस ने नकली सिक्के बनाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया है कि वे अब तक 70 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के नकली सिक्के बाजार में खपा चुके हैं। अगर इस दावे को 20 रुपये के हिसाब से देखें तो करीब 3.5 करोड़ नकली सिक्के बाजार में पहुंचाए जाने की बात सामने आती है।
इस खुलासे के बाद लोगों के मन में भी सवाल उठने लगे हैं कि कहीं उनकी जेब में रखा 20 रुपये का सिक्का नकली तो नहीं है? ऐसे में यह जानना जरूरी है कि असली और नकली सिक्के के बीच अंतर कैसे पहचाना जा सकता है।
हरियाणा में चल रही थी नकली सिक्के बनाने की फैक्ट्री
पुलिस के मुताबिक, नकली सिक्के बनाने वाला यह गिरोह हरियाणा के सोनीपत में सक्रिय था। यहां पिछले करीब 10 महीनों से नकली सिक्के तैयार किए जा रहे थे। आरोपियों ने अपनी गतिविधियों को छिपाने के लिए पेचकस बनाने की फैक्ट्री की आड़ ले रखी थी। इसी फैक्ट्री में 20 रुपये के नकली सिक्के तैयार कर उन्हें बाजार में भेजा जा रहा था।
छापेमारी में मिले 6,400 नकली सिक्के
सहारनपुर पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपियों के ठिकाने से 20 रुपये के 6,400 नकली सिक्के बरामद किए गए हैं। इसके अलावा करीब 5 लाख रुपये कीमत के अधबने सिक्के भी मिले हैं। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े दूसरे लोगों और उसके नेटवर्क की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नकली सिक्कों की सप्लाई किन-किन इलाकों में की गई है।
70 करोड़ के सिक्के बाजार में पहुंचाने का दावा
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे अब तक 70 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के नकली सिक्के बाजार में पहुंचा चुके हैं। 20 रुपये प्रति सिक्के के हिसाब से यह आंकड़ा करीब 3.5 करोड़ सिक्कों का बैठता है। हालांकि, यह आरोपियों का दावा है। पुलिस फिलहाल इसकी सत्यता की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पता चल सकेगा कि वास्तव में कितनी बड़ी संख्या में नकली सिक्के बाजार में पहुंचाए गए हैं।
20 रुपये के असली सिक्के की पहचान कैसे करें?
अगर आपके पास भी 20 रुपये का सिक्का है तो उसकी बनावट और निशानों पर ध्यान देकर शुरुआती तौर पर पहचान की जा सकती है।
-12 किनारे: असली 20 रुपये के सिक्के में 12 किनारों वाली बहुभुजी बनावट होती है।
- दो अलग-अलग हिस्से: सिक्के के बाहरी रिंग और बीच के गोल हिस्से की बनावट अलग होती है।
- स्पष्ट अंक और निशान: सिक्के पर 20 का अंक, रुपये का प्रतीक और अन्य आधिकारिक निशान साफ दिखाई देने चाहिए।
- अलग धातुओं का इस्तेमाल: सिक्के के बाहरी और अंदरूनी हिस्से में अलग-अलग धातुओं का इस्तेमाल किया गया है।
नकली 20 रुपये के सिक्के में दिख सकती हैं ये गड़बड़ियां
नकली सिक्के की पहचान करते समय कुछ चीजों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। मसलन:
- किनारों की बनावट: सिक्के के 12 किनारों का आकार और डिजाइन असली सिक्के से अलग हो सकता है।
- लिखावट में अंतर: 20 रुपये का अंक, रुपये का चिह्न या अन्य निशान धुंधले और गलत तरीके से बने हो सकते हैं।
- बनावट में गड़बड़ी: सिक्के के बाहरी और अंदरूनी हिस्से की बनावट में अंतर दिखाई दे सकता है।
- रंग और चमक: नकली सिक्के का रंग या फिनिश असली सिक्के से अलग हो सकता है।
- वजन में अंतर: सिक्का निर्धारित वजन से हल्का या भारी हो सकता है।
ध्यान रखें कि इनमें से कोई एक कमी सिक्के के नकली होने का पक्का सबूत नहीं है।
सिक्का नकली होने का शक हो तो क्या करें?
किसी भी सिक्के को केवल उसका रंग, चमक, वजन या आवाज सुनकर असली अथवा नकली घोषित नहीं किया जा सकता। कई बार नकली सिक्के भी देखने में बिल्कुल असली जैसे लग सकते हैं।
इसलिए अगर आपको किसी 20 रुपये के सिक्के पर शक है तो उसकी जांच बैंक या संबंधित अधिकारियों से करवाएं। संदिग्ध सिक्के को आगे किसी दूसरे व्यक्ति को देने के बजाय अधिकारियों को इसकी जानकारी दें।
फिलहाल सहारनपुर पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। ऐसे में लोगों को घबराने के बजाय सतर्क रहने और संदिग्ध सिक्कों की आधिकारिक जांच कराने की जरूरत है।**