Journalist Raghavendra Bajpai Murder Case : 6 महीने बाद पुलिस एनकाउंटर में ढेर हुए दोनों शूटर, 1-1 लाख का था इनाम
Journalist Raghavendra Bajpai Murder Case : उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड (Journalist Raghavendra Bajpai Murder Case) में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 6 महीने की तलाश के बाद आखिरकार पुलिस ने दोनों फरार शूटरों को एनकाउंटर में मार गिराया। गुरुवार को पिसावां इलाके में हुई मुठभेड़ के दौरान दोनों बदमाश पुलिस की गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
Journalist Raghavendra Bajpai Murder Case : 1-1 लाख के इनामी थे दोनों शूटर
पुलिस ने बताया कि मारे गए दोनों आरोपियों की पहचान संजय तिवारी उर्फ अकीस खान और राजू तिवारी उर्फ रिजवान खान के रूप में हुई है। दोनों पर गंभीर आपराधिक मामलों के तहत मुकदमे दर्ज थे और पुलिस ने इनके ऊपर 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उनके हथियार भी बरामद कर लिए हैं।
पहले बदमाशों ने की थी पुलिस पर फायरिंग
एसपी अंकुर अग्रवाल के मुताबिक, एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम पिसावां-महोली रोड पर कॉम्बिंग कर रही थी, तभी बाइक पर सवार दोनों आरोपी नजर आए। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया तो उन्होंने गोलियां चलाना शुरू कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली दोनों को लगी और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जान नहीं बच सकी।
8 मार्च को हुई थी पत्रकार की हत्या
पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी की हत्या (Journalist Raghavendra Bajpai Murder Case) 8 मार्च को हेमपुर ओवरब्रिज पर दिनदहाड़े कर दी गई थी। बाइक सवार दो शूटरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थीं। करीब 34 दिन बाद पुलिस ने हत्याकांड का पर्दाफाश किया और बताया कि इसमें 5 लोग शामिल थे। कारेदेव बाबा मंदिर के पुजारी समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन दो मुख्य शूटर फरार चल रहे थे, जिनका अब एनकाउंटर में अंत हुआ।
पत्नी रश्मि बाजपेयी ने पुलिस कार्रवाई पर जताई नाराज़गी
हालांकि पुलिस की इस कार्रवाई से राघवेंद्र बाजपेयी (Journalist Raghavendra Bajpai Murder Case) की पत्नी रश्मि बाजपेयी संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि उन्होंने पहले ही पुलिस से अनुरोध किया था कि हत्यारों की पहचान उनके सामने करवाई जाए और खुलासा उनकी जानकारी में हो, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। रश्मि ने कहा कि उन्हें इस तरह की कार्रवाई की सूचना तक नहीं दी गई, इसलिए वह पुलिस की कार्यशैली से खुश नहीं हैं।