मीरा रोड अटैक में ‘लोन वुल्फ’ एंगल! नाम पूछा, कलमा पढ़ने को कहा… इनकार किया तो चाकू से हमला
मुंबई के मीरा रोड में दो सिक्योरिटी गार्ड्स पर हमले के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी के पास से कट्टरपंथी नोट मिलने के बाद जांच एजेंसियां ‘लोन वुल्फ’ एंगल से जांच कर रही हैं। एटीएस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
Mira Road Attack News: महाराष्ट्र के मीरा रोड स्थित नया नगर इलाके में दो सिक्योरिटी गार्ड्स पर हुए हमले ने अब गंभीर रूप ले लिया है। शुरुआती जांच के बाद अब सुरक्षा एजेंसियां इस घटना को संभावित ‘लोन वुल्फ’ हमले के रूप में देख रही हैं। आरोपी के पास से बरामद नोट और उसकी गतिविधियों ने जांच को नया मोड़ दे दिया है।
कट्टरपंथी विचारों से भरा नोट मिला, एजेंसियां सतर्क
जांच सूत्रों के अनुसार आरोपी के पास से एक ऐसा नोट बरामद हुआ है, जिसमें कट्टरपंथी सोच और हिंसक इरादों के संकेत मिले हैं। इस नोट में धमकी भरे संदेश और उग्र विचार लिखे पाए गए, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। इसी आधार पर मामले को एटीएस को सौंप दिया गया है, जो अब आरोपी के डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और ऑनलाइन गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही है।
हमले से पहले धर्म पूछा, मना करने पर किया हमला
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले इलाके में आया और आसपास की जानकारी लेकर चला गया। कुछ देर बाद लौटकर उसने गार्ड से उसका धर्म पूछा और धार्मिक बातें करने को कहा। जब गार्ड ने इनकार किया, तो आरोपी ने अचानक चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद उसने पास में मौजूद दूसरे गार्ड को भी निशाना बनाया। इस घटना ने इलाके में दहशत फैला दी।
विदेश में रह चुका, ऑनलाइन पढ़ाता था आरोपी
आरोपी की पृष्ठभूमि भी जांच एजेंसियों के लिए अहम कड़ी बन रही है। वह विज्ञान का छात्र रहा है और विदेश में भी रह चुका है। भारत लौटने के बाद वह अकेले रह रहा था और ऑनलाइन पढ़ाने का काम करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी सामग्री के संपर्क में आया, जिससे उसके विचार प्रभावित हुए।
क्या अकेला था या किसी नेटवर्क से जुड़ा?
अब जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि आरोपी ने यह हमला अकेले किया या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क है। एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि हमला पहले से योजना के तहत किया गया था या अचानक हुआ।