मनीष सिंह मर्डर केस में बड़ा एक्शन, संपत्ति जब्ती की तैयारी के साथ 12 आरोपी गैंगस्टर एक्ट में नामजद
वाराणसी: फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में सड़क दुर्घटना के बाद हुई मनीष सिंह हत्याकांड मामले में वाराणसी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सभी 12 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों की आपराधिक प्रवृत्ति और संगठित तरीके से अपराध करने के स्वरूप को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। पुलिस अब आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों, आय के स्रोतों और उनके संभावित आपराधिक नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है। आगे चलकर संपत्ति जब्ती सहित अन्य कठोर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
सड़क हादसे के बाद हुई थी मनीष सिंह की हत्या
गौरतलब है कि 26 अप्रैल 2026 को फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में एक सड़क दुर्घटना के बाद यह मामला सामने आया था। घटना के अनुसार एक अनियंत्रित कार की टक्कर से एक महिला घायल हो गई थी।
दुर्घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने कार चालक मनीष सिंह को घेर लिया और उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। गंभीर रूप से घायल मनीष सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया था और मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया था।
हत्या के मामले में 12 आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद फूलपुर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुकदमा संख्या 132/2026 दर्ज किया था। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं 190, 191(2), 103(2), 324(5) और 3(5) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था, जबकि दो आरोपियों ने आत्मसमर्पण किया था। इसके अलावा अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी करते हुए कुल 12 लोगों को जेल भेजा गया। मामले की विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप-पत्र (चार्जशीट) भी न्यायालय में दाखिल कर दिया है।
गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज हुआ नया मुकदमा
फूलपुर पुलिस ने अब 4 जून 2026 को मुकदमा संख्या 0172/2026 के तहत उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 की धारा 3(1) के अंतर्गत सभी आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने संगठित रूप से कानून हाथ में लेकर अपराध को अंजाम दिया था, जिसके कारण गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
गैंग लीडर कौन है?
पुलिस द्वारा दर्ज गैंग चार्ट में घमहापुर निवासी आशीष राजभर पुत्र मुकुंद राजभर (उम्र लगभग 32 वर्ष) को गिरोह का सरगना (गैंग लीडर) बनाया गया है।
गैंग के अन्य सदस्य
मनीष राजभर पुत्र मुकुंद राजभर (24 वर्ष)
दीपक राजभर पुत्र दिलीप राजभर (23 वर्ष)
मनोज प्रजापति पुत्र मोतीलाल प्रजापति (30 वर्ष)
हरिश्चंद्र राजभर पुत्र स्व. सूरत राजभर (58 वर्ष)
योगेंद्र प्रजापति पुत्र लालचंद प्रजापति (27 वर्ष)
गोविंद राजभर पुत्र जंगाली राजभर (34 वर्ष)
नागेंद्र राजभर पुत्र जंगाली राजभर (39 वर्ष)
बृजेश प्रजापति पुत्र भोला प्रजापति (30 वर्ष)
राजेश प्रजापति पुत्र भोला प्रजापति (33 वर्ष)
अभिषेक उर्फ बुद्धू पुत्र स्व. फूलचंद प्रजापति (40 वर्ष)
पवन राजभर पुत्र बिंदे राजभर (25 वर्ष)
पुलिस के अनुसार सभी आरोपी घमहापुर गांव, थाना फूलपुर, जनपद वाराणसी के निवासी हैं।
संपत्तियों और आर्थिक स्रोतों की होगी जांच
गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के बाद पुलिस अब आरोपियों की आर्थिक गतिविधियों और संपत्तियों की भी जांच करेगी। पुलिस यह पता लगाएगी कि आरोपियों के पास मौजूद चल-अचल संपत्तियों का स्रोत क्या है और क्या उनका संबंध किसी अन्य आपराधिक गतिविधि से है।
यदि जांच में अवैध रूप से अर्जित संपत्ति का मामला सामने आता है तो पुलिस गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्की और जब्ती की कार्रवाई भी कर सकती है।
सभी आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में
पुलिस अधिकारियों के अनुसार वर्तमान समय में सभी 12 आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध हैं। गैंगस्टर एक्ट के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई और आवश्यक रिमांड के लिए न्यायालय से अनुरोध किया गया है।
अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति
गोमती जोन पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई अपराध और कानून व्यवस्था के प्रति अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी कानून हाथ में लेने वाले और संगठित अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।