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डायरेक्टर बनकर भेजा WhatsApp मैसेज, कर्मचारी से ठग लिए 1.98 करोड़, फिर पुलिस ने दिमाग लगाकर वापस दिला दिए 1.83 करोड़

मुंबई में Boss Scam के जरिए कर्मचारी से 1.98 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई। ठगों ने कंपनी डायरेक्टर की फोटो और नाम से WhatsApp मैसेज भेजकर भुगतान कराया। शिकायत के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 1,83,03,492 रुपये यानी करीब 92 प्रतिशत रकम सुरक्षित बचा ली।
 

Mumbai Boss Scam : साइबर ठगों ने कंपनी के डायरेक्टर की फोटो और नाम का इस्तेमाल कर एक कर्मचारी से 1.98 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने नए मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर खुद को कंपनी का वरिष्ठ अधिकारी बताया और जरूरी भुगतान के नाम पर कर्मचारी को बताए गए बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करने को कहा। हालांकि, ठगी का पता चलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और करीब 92 प्रतिशत रकम यानी 1.83 करोड़ रुपये सुरक्षित बचा लिए।

डायरेक्टर की फोटो-नाम देखकर कर्मचारी को नहीं हुआ शक

मामला 6 अगस्त 2026 का है। पीड़ित एक निजी कंपनी में जनरल मैनेजर के पद पर कार्यरत है। उसे एक नए मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप संदेश मिला। इस नंबर की प्रोफाइल पर कंपनी के डायरेक्टर की फोटो लगी थी और नाम का भी इस्तेमाल किया गया था।

मैसेज भेजने वाले ने खुद को कंपनी का वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए तत्काल एक जरूरी भुगतान करने की बात कही। कर्मचारी को रकम तुरंत बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए। डायरेक्टर की फोटो और नाम देखकर कर्मचारी को संदेश पर संदेह नहीं हुआ और उसने 1.98 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।

असली डायरेक्टर से बात हुई तो खुला साइबर फ्रॉड

रकम भेजने के कुछ देर बाद कर्मचारी ने कंपनी के डायरेक्टर के वास्तविक मोबाइल नंबर पर भुगतान की जानकारी दी। बातचीत में पता चला कि डायरेक्टर ने ऐसा कोई भुगतान करने के लिए नहीं कहा था।

इसके बाद कर्मचारी को समझ आया कि साइबर ठगों ने डायरेक्टर की पहचान और तस्वीर का इस्तेमाल कर उसे निशाना बनाया है। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने मुंबई पुलिस की साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क किया और दक्षिण विभाग के साइबर पुलिस थाने में शिकायत दी।

पुलिस की तेजी से 1.83 करोड़ रुपये बचाए गए

शिकायत मिलते ही पुलिस ने लेनदेन की जानकारी जुटाकर ट्रांजैक्शन को ट्रैक करना शुरू किया। समय पर कार्रवाई होने से पुलिस 1,83,03,492 रुपये की रकम सुरक्षित कराने में सफल रही। यह रकम कुल ठगी गई राशि का करीब 92 प्रतिशत है। शुरुआती स्तर पर पुलिस को सूचना मिलने और तत्काल कार्रवाई के कारण इतनी बड़ी रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने में मदद मिली।

मुंबई पुलिस ने कंपनियों और कर्मचारियों को किया अलर्ट

मुंबई पुलिस ने लोगों को ऐसे साइबर फ्रॉड से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस के मुताबिक, व्हाट्सएप, टेलीग्राम या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी के नाम और फोटो से आने वाले भुगतान संबंधी निर्देशों पर बिना पुष्टि के भरोसा नहीं करना चाहिए।

खास तौर पर यदि किसी नए मोबाइल नंबर से तत्काल पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाया जाए तो पहले संबंधित अधिकारी से उनके पुराने या आधिकारिक नंबर पर संपर्क कर निर्देशों की पुष्टि करनी चाहिए। पुलिस ने साफ कहा है कि केवल प्रोफाइल फोटो और नाम देखकर किसी बैंक खाते में रकम ट्रांसफर नहीं करनी चाहिए।

साइबर फ्रॉड होते ही 1930 पर करें कॉल

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी की आशंका होने या रकम ट्रांसफर हो जाने की स्थिति में बिना देरी किए 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें। राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।

पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी के बाद शुरुआती समय में की गई शिकायत और त्वरित कार्रवाई से रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने तथा उसे सुरक्षित कराने की संभावना बढ़ जाती है।