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एक साल में ढाई गुना रिटर्न का लालच देकर रिटायर्ड सैन्यकर्मी से 22 लाख ठगे, 9 लोगों पर FIR

एक साल में निवेश की रकम ढाई गुना करने का झांसा देकर केसरीपुर निवासी रिटायर्ड सैन्यकर्मी लालबहादुर यादव से 22.03 लाख रुपये लेने का मामला सामने आया है। आरोप है कि निवेश के नाम पर रकम लेने के बाद फर्जी आईडी-पासवर्ड और दस्तावेज दिए गए। पुलिस ने नौ लोगों पर FIR दर्ज की है।
 

वाराणसी: निवेश की रकम एक साल में ढाई गुना करने का लालच देकर केसरीपुर निवासी रिटायर्ड सैन्यकर्मी लालबहादुर यादव से 22 लाख 3 हजार 660 रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि निवेश के नाम पर रकम लेने के बाद आरोपियों ने पीड़ित को फर्जी आईडी-पासवर्ड और कूटरचित दस्तावेज थमा दिए। रुपये वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

निवेश के नाम पर बनाया भरोसा

राजनगर कॉलोनी, भास्करा तालाब, केसरीपुर निवासी लालबहादुर यादव सेना में सूबेदार और रेलवे से सेवानिवृत्त हैं। उनकी तहरीर के मुताबिक नवंबर 2024 में उनकी मुलाकात जितेंद्र शर्मा से हुई थी। आरोप है कि जितेंद्र शर्मा ने अपने साथियों सतीश भारती, सूरज कुमार, लल्लू प्रसाद साहू, रत्नेश कुमार देवघरिया, सत्येंद्र गोस्वामी, वैशाली समेत अन्य लोगों के साथ मिलकर उन्हें निवेश के नाम पर भरोसे में लिया।

पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने द स्काई एपेक्स डॉट कॉम, ड्रीम होम रियल एस्टेट, 'फॉरेक्स मार्केट' और 'क्रिप्टो' जैसी कंपनियों में निवेश कराने की बात कही। उन्हें बताया गया कि निवेश करने पर रकम एक साल में ढाई गुना हो जाएगी।

अलग-अलग खातों में और नकद लिए 22.03 लाख रुपये

तहरीर के मुताबिक आरोपियों ने 30 दिसंबर 2024 से 27 जून 2025 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई। इसके अलावा नकद रुपये भी लिए गए। इस तरह कुल 22,03,660 रुपये लिए गए।

समय बीतने के बाद जब लालबहादुर यादव ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोप है कि उन्हें फर्जी आईडी-पासवर्ड और कूटरचित दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। पीड़ित का आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।

फर्जी एग्रीमेंट और सरकारी प्रमाणपत्र दिखाने का आरोप

लालबहादुर यादव ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि आरोपी फर्जी एग्रीमेंट और सरकारी पंजीकरण के प्रमाणपत्र दिखाकर अन्य लोगों को भी निवेश के लिए भरोसे में ले रहे हैं और उनसे रकम ली जा रही है।

नौ लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR

मामले में पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर जितेंद्र शर्मा, सतीश भारती, सूरज कुमार, लल्लू प्रसाद साहू, रत्नेश कुमार देवघरिया, सत्येंद्र गोस्वामी, वैशाली समेत नौ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।

थाना प्रभारी निरीक्षक राजू सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस आरोपों, लेनदेन और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।