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रोहनिया कारोबारी हत्याकांड: 500 CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस, 15 हिरासत में; जमीन, पैसा या पुरानी रंजिश?

वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र में जनरल स्टोर संचालक जितेंद्र पटेल की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। 15 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। 500 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जमीन, रुपये और रंजिश समेत कई पहलुओं पर जांच जारी है।

 

वाराणसी: रोहनिया थाना क्षेत्र के अवलेशपुर स्थित सौरभ विहार कॉलोनी में जनरल स्टोर संचालक जितेंद्र पटेल की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने जांच का दायरा और तेज कर दिया है। घटना के बाद अब तक 15 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा चुकी है, जबकि पुलिस की आठ टीमें लगातार अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही हैं।

500 से ज्यादा CCTV कैमरों की जांच

हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस तकनीकी और जमीनी दोनों स्तरों पर काम कर रही है। अखरी बाईपास, डाफी टोल प्लाजा, लंका और आसपास के इलाकों में लगे करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या से पहले और बाद में संदिग्ध गतिविधियां कहां-कहां दर्ज हुई हैं और हमलावर किस रास्ते से आए और फरार हुए।

विवादित जमीन तक पहुंची जांच

बुधवार को पुलिस की एक टीम चंदौली के बबुरी इलाके में भी पहुंची, जहां मृतक जितेंद्र पटेल की एक विवादित जमीन बताई जा रही है। पुलिस ने जमीन से जुड़े दस्तावेज और संभावित विवादों की जानकारी जुटाई। इसके अलावा सीरगोवर्धनपुर निवासी एक युवक को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है।

हत्या की वजह अब भी साफ नहीं

पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हत्या के पीछे की असली वजह तक पहुंचना है। अब तक की जांच में परिवार भी कोई ठोस कारण नहीं बता सका है।

सूत्रों के मुताबिक जितेंद्र पटेल की हाल ही में एक जमीन बिकी थी, जिसकी रकम उनके बैंक खाते में मौजूद है। वहीं कुछ समय पहले भी जमीन का एक सौदा हुआ था, जिसमें भाइयों के बीच बंटवारा हुआ था। इसी वजह से पुलिस आर्थिक लेन-देन और संपत्ति विवाद के पहलुओं को गंभीरता से जांच रही है।

दुकान के बाहर हुआ था विवाद

जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ दिन पहले जितेंद्र पटेल की दुकान के बाहर कुछ युवकों के बीच मारपीट हुई थी। उस दौरान जितेंद्र ने कुछ लोगों को चेतावनी भी दी थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं उसी विवाद का संबंध इस हत्याकांड से तो नहीं है।

जमीन, पैसा और रंजिश... हर एंगल पर जांच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच किसी एक दिशा तक सीमित नहीं है। जमीन विवाद, आर्थिक लेन-देन, व्यक्तिगत रंजिश और अन्य संभावित कारणों को लेकर अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं।

डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने बताया कि सर्विलांस, एसओजी और स्थानीय पुलिस की कुल आठ टीमें लगातार साक्ष्य जुटाने और संदिग्धों की गतिविधियों की पड़ताल में लगी हुई हैं।

परिजनों से मिले जनप्रतिनिधि

घटना के बाद रोहनिया विधायक डॉ. सुनील पटेल और पूर्व मेयर कौशलेंद्र सिंह पटेल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।

इस दौरान विधायक ने पुलिस अधिकारियों से जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की। एडीसीपी वरुणा लिपि नागयाच ने परिजनों को आश्वस्त किया है कि पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।