प्रेमी संग पकड़े जाने के बाद पति पर फेंका था तेजाब, अब संभल कोर्ट ने आरोपी पत्नी को सुनाई उम्रकैद की सजा
Jun 1, 2026, 20:04 IST
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में चर्चित एसिड अटैक मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। पति की आंखों और चेहरे पर तेजाब फेंककर उसे जिंदगीभर के लिए अंधेरे में धकेलने वाली पत्नी को सोमवार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। अदालत ने दोषी महिला पर 1.75 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोपाल ने 27 मई को आरोपी पत्नी कहकशां को दोषी करार दिया था और फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को सजा सुनाते हुए अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा दी।
पति की चली गई थी दोनों आंखों की रोशनी
यह मामला 7 मार्च 2025 का है। पीड़ित मुजफ्फर अली ने आरोप लगाया था कि उसने अपनी पत्नी कहकशां को उसके प्रेमी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इस बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था।
आरोप है कि उसी रात कहकशां ने सोते समय पति के चेहरे और आंखों पर तेजाब फेंक दिया। हमले में मुजफ्फर अली का चेहरा बुरी तरह झुलस गया और उसकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई। शरीर के अन्य हिस्से भी गंभीर रूप से झुलस गए थे।
घटना के बाद उनका करीब छह महीने तक दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चला, लेकिन डॉक्टर उनकी आंखों की रोशनी वापस नहीं ला सके।
सजा सुनते ही रो पड़ी आरोपी
अदालत द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद कहकशां कोर्ट परिसर में फूट-फूटकर रोने लगी। बाद में महिला पुलिसकर्मियों की निगरानी में उसे जेल भेज दिया गया।
सुनवाई के दौरान पीड़ित मुजफ्फर अली भी अपनी मां के साथ अदालत पहुंचे थे। एसिड अटैक में झुलसने के कारण उन्होंने अपना चेहरा कपड़े से ढंक रखा था।
बचाव पक्ष ने फैसले को दी चुनौती
कहकशां की वकील पिंकी शर्मा ने अदालत के फैसले पर असहमति जताते हुए कहा कि वे इस निर्णय के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगी। उनका दावा है कि मामले में कई ऐसे पहलू हैं जिन पर पर्याप्त सुनवाई नहीं हुई।
प्रेम विवाह के बाद बढ़ा विवाद
बिजनौर के नगीना क्षेत्र की रहने वाली कहकशां ने वर्ष 2019 में मुजफ्फर अली से प्रेम विवाह किया था। दोनों के दो छोटे बच्चे हैं। पुलिस जांच के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद कहकशां का किसी अन्य युवक से संबंध हो गया था, जिसे लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था।
घटना वाले दिन भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। बाद में रात में हुए एसिड अटैक ने पूरे परिवार की जिंदगी बदलकर रख दी।
यह मामला न सिर्फ घरेलू विवाद की भयावह तस्वीर पेश करता है, बल्कि एसिड अटैक जैसे जघन्य अपराधों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गया है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोपाल ने 27 मई को आरोपी पत्नी कहकशां को दोषी करार दिया था और फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को सजा सुनाते हुए अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा दी।
पति की चली गई थी दोनों आंखों की रोशनी
यह मामला 7 मार्च 2025 का है। पीड़ित मुजफ्फर अली ने आरोप लगाया था कि उसने अपनी पत्नी कहकशां को उसके प्रेमी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इस बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था।
आरोप है कि उसी रात कहकशां ने सोते समय पति के चेहरे और आंखों पर तेजाब फेंक दिया। हमले में मुजफ्फर अली का चेहरा बुरी तरह झुलस गया और उसकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई। शरीर के अन्य हिस्से भी गंभीर रूप से झुलस गए थे।
घटना के बाद उनका करीब छह महीने तक दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चला, लेकिन डॉक्टर उनकी आंखों की रोशनी वापस नहीं ला सके।
सजा सुनते ही रो पड़ी आरोपी
अदालत द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद कहकशां कोर्ट परिसर में फूट-फूटकर रोने लगी। बाद में महिला पुलिसकर्मियों की निगरानी में उसे जेल भेज दिया गया।
सुनवाई के दौरान पीड़ित मुजफ्फर अली भी अपनी मां के साथ अदालत पहुंचे थे। एसिड अटैक में झुलसने के कारण उन्होंने अपना चेहरा कपड़े से ढंक रखा था।
बचाव पक्ष ने फैसले को दी चुनौती
कहकशां की वकील पिंकी शर्मा ने अदालत के फैसले पर असहमति जताते हुए कहा कि वे इस निर्णय के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगी। उनका दावा है कि मामले में कई ऐसे पहलू हैं जिन पर पर्याप्त सुनवाई नहीं हुई।
प्रेम विवाह के बाद बढ़ा विवाद
बिजनौर के नगीना क्षेत्र की रहने वाली कहकशां ने वर्ष 2019 में मुजफ्फर अली से प्रेम विवाह किया था। दोनों के दो छोटे बच्चे हैं। पुलिस जांच के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद कहकशां का किसी अन्य युवक से संबंध हो गया था, जिसे लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था।
घटना वाले दिन भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। बाद में रात में हुए एसिड अटैक ने पूरे परिवार की जिंदगी बदलकर रख दी।
यह मामला न सिर्फ घरेलू विवाद की भयावह तस्वीर पेश करता है, बल्कि एसिड अटैक जैसे जघन्य अपराधों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गया है।