TGT परीक्षा में सॉल्वर गैंग नेटवर्क का खुलासा, 25 हजार के दो इनामी वाराणसी से गिरफ्तार
वाराणसी: टीजीटी भर्ती परीक्षा में सॉल्वर बैठाकर अभ्यर्थियों को पास कराने वाले गिरोह के खिलाफ चल रही कार्रवाई में चेतगंज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 25-25 हजार रुपये के इनामी दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क से जुड़े कई अहम राज उजागर किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के मधेपुरा जिले के निवासी दौलत कुमार और सुपौल जिले के निवासी नितीश कुमार के रूप में हुई है। दोनों को गुरुवार रात चौकाघाट स्थित लकड़ी मंडी के पास से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने उनके कब्जे से बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज, 14 डेबिट कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की है। इस मामले में अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि एक अन्य आरोपी अमन कुमार की तलाश जारी है।
सॉल्वर बैठाने का पूरा नेटवर्क चला रहा था आरोपी
एसीपी चेतगंज शुभम कुमार सिंह के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि दौलत कुमार प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के नाम पर सीधे अभ्यर्थियों से संपर्क करता था और उनसे मोटी रकम वसूलता था।
इसके बाद वह परीक्षा में बैठने के लिए सॉल्वर की व्यवस्था करता था। असली परीक्षार्थी की जगह सॉल्वर को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए फर्जी आधार कार्ड, एडिट किए गए पहचान पत्र और नकली एडमिट कार्ड तैयार किए जाते थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी लंबे समय से इसी तरह का संगठित नेटवर्क चला रहे थे।
नितीश कुमार निभा रहा था अहम भूमिका
जांच में यह भी सामने आया कि नितीश कुमार पूरे ऑपरेशन में दौलत का करीबी सहयोगी था। वह दस्तावेजों की व्यवस्था से लेकर सॉल्वर और अभ्यर्थियों के बीच समन्वय बनाने का काम करता था। पुलिस के अनुसार, गिरोह के तार कई राज्यों तक जुड़े हो सकते हैं और आगे की जांच में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
परीक्षा केंद्र से पकड़ा गया था सॉल्वर
इस पूरे मामले का खुलासा 4 जून को टीजीटी परीक्षा के दौरान हुआ था। चेतगंज पुलिस ने राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में जांच के दौरान असली अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहे अमृत राज आनंद नामक सॉल्वर और उसके सहयोगी छोटू कुमार को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश शुरू की थी, जिसके बाद अब दो इनामी आरोपी भी पुलिस के शिकंजे में आ गए हैं।
थाना प्रभारी विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि आरोपियों के पास से मिले दस्तावेज और बैंकिंग से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। बरामद सामग्री से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरोह ने अब तक कितने अभ्यर्थियों को इस तरह परीक्षा दिलाने का प्रयास किया था। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह केवल टीजीटी परीक्षा ही नहीं, बल्कि अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सक्रिय रहा हो सकता है।
फरार आरोपी की तलाश जारी
पुलिस अब बलिया निवासी अमन कुमार की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क और आर्थिक लेनदेन से जुड़े और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।