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बीमा पॉलिसी के नाम पर शिक्षक से 35 लाख की ठगी! 14 लाख का बोनस और म्यूचुअल फंड का झांसा देकर उड़ाए पैसे
 

वाराणसी में बीमा पॉलिसी और म्यूचुअल फंड के नाम पर एक शिक्षक से 35 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने 90 लाख रिटर्न और बोनस का झांसा देकर कई किश्तों में रकम ट्रांसफर करवाई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

 

वाराणसी: बीमा पॉलिसी और निवेश योजना के नाम पर वाराणसी में एक शिक्षक से करीब 35 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने पहले खुद को बीमा कंपनी से जुड़ा व्यक्ति बताया और फिर बोनस, मैच्योरिटी और म्यूचुअल फंड में भारी रिटर्न का लालच देकर शिक्षक को अपने जाल में फंसा लिया। मामले के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पीड़ित शिक्षक ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

बोनस और म्यूचुअल फंड के नाम पर रचा गया पूरा खेल

जानकारी के मुताबिक, जौनपुर निवासी राजकीय विद्यालय के शिक्षक को कुछ समय पहले फोन कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को बीमा कंपनी का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनकी पुरानी पॉलिसी पर बड़ा बोनस और विशेष लाभ मिलने वाला है।

इसके बाद ठगों ने शिक्षक को म्यूचुअल फंड और विशेष निवेश योजना में पैसा लगाने का लालच दिया। आरोपियों ने दावा किया कि निवेश करने पर उन्हें करीब 90 लाख रुपये तक का रिटर्न मिलेगा। इसी झांसे में आकर शिक्षक लगातार अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करते गए।

कई किश्तों में ट्रांसफर करवाई रकम

ठगों ने बेहद शातिर तरीके से शिक्षक का भरोसा जीता। शुरुआत में छोटी रकम जमा करवाई गई और फिर धीरे-धीरे बड़ी रकम मांगनी शुरू कर दी गई। बताया जा रहा है कि अलग-अलग कारण बताकर शिक्षक से कई किश्तों में करीब 35 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।

जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तो आरोपियों ने बहाने बनाना शुरू कर दिया। कुछ समय बाद फोन बंद हो गए और संपर्क पूरी तरह टूट गया। तब जाकर शिक्षक को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।


साइबर फ्रॉड का नया तरीका बना निवेश और बीमा स्कैम


हाल के दिनों में बीमा पॉलिसी, बोनस और हाई रिटर्न निवेश योजनाओं के नाम पर साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। ठग पहले लोगों का भरोसा जीतते हैं और फिर बड़ी रकम निवेश कराने के बाद फरार हो जाते हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिना जांच-पड़ताल किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसा ट्रांसफर न करें। किसी भी निवेश योजना या बोनस ऑफर की पुष्टि संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से जरूर करें।

पीड़ित शिक्षक की शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। साइबर सेल भी ठगों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।