सिम पोर्ट कर उड़ाते थे पैसे, दो शातिर गिरफ्तार, 9 फोन बरामद
वाराणसी पुलिस ने मोबाइल चोरी कर सिम पोर्टिंग और UPI के जरिए बैंक खातों से रुपये उड़ाने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 9 चोरी के मोबाइल बरामद हुए हैं। पूछताछ में कई जिलों में वारदात करने का खुलासा हुआ है।
वाराणसी: वाराणसी पुलिस ने मोबाइल चोरी कर UPI के जरिए बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले हाईटेक ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 9 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी मोबाइल चोरी के बाद सिम पोर्ट कराकर बैंक खातों से रकम ट्रांसफर करते थे।
महेशपुर इंडस्ट्रियल एरिया से हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशीष पाल (26) निवासी सरैया जयरामपुर, चौबेपुर और विनोद यादव (40) निवासी भजईपुर खमरिया, भदोही के रूप में हुई है। दोनों को महेशपुर इंडस्ट्रियल एरिया से पकड़ा गया।
मोबाइल चोरी के बाद ऐसे उड़ाते थे पैसा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 11 मार्च 2026 को कोनिया से लखनऊ जा रहे एक व्यक्ति का मोबाइल चोरी किया था। पीड़ित ने नया सिम लेने की कोशिश की, लेकिन सिम सक्रिय नहीं हुआ। जांच में पता चला कि आरोपियों ने सिम को दूसरे ऑपरेटर में पोर्ट कर नई UPI आईडी बनाई और अलग-अलग खातों से 85,860 रुपये ट्रांसफर कर लिए।
शातिर तरीका सुन पुलिस भी चौंकी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे चोरी किए गए मोबाइल का लॉक तोड़ते थे या सिम निकालकर दूसरे फोन में लगाते थे। इसके बाद UPI पासवर्ड रीसेट कर बैंक खातों तक पहुंच बना लेते थे।
फिर रकम जन सुविधा केंद्र या अन्य खातों में भेजकर नकद निकाल लेते थे। बड़ी रकम होने पर सिम को दूसरे ऑपरेटर में पोर्ट कर कई दिनों तक खाते से पैसा निकालते रहते थे।
आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, विनोद यादव पर भदोही, मिर्जापुर, प्रयागराज और जौनपुर में 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं आशीष पाल पर वाराणसी के कैंट और चोलापुर थानों में 5 मुकदमे दर्ज हैं।
थाना प्रभारी विमल कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह ने किन-किन जिलों में ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है।