वाराणसी में फर्जी प्रॉपर्टी डील का भंडाफोड़: 3 करोड़ लेकर रक्षा मंत्रालय की जमीन बेचने का आरोप, तीन गिरफ्तार
वाराणसी में 3 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी ठगी मामले में चौक पुलिस ने मां-बेटी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि रक्षा मंत्रालय की संपत्ति को निजी बताकर 3.20 करोड़ रुपये में सौदा किया गया और नकली दस्तावेजों के जरिए कारोबारी से करोड़ों रुपये ठग लिए गए।
वाराणसी: चौक थाना पुलिस ने 3 करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि रक्षा मंत्रालय की संपत्ति को निजी भवन बताकर करोड़ों रुपये में बेचने का सौदा किया गया और नकली दस्तावेजों के आधार पर कारोबारी से भारी रकम वसूली गई। मामले में पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
मां-बेटी समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
चौक पुलिस ने इस मामले में नील कॉटेज कॉलोनी निवासी मीरा अरोड़ा, उनकी बेटी रचना अरोड़ा और दुग्धविनायक निवासी राजकुमार बाजपेई को गिरफ्तार किया है। मामले में पुलिस अभी सोनम अग्रवाल और कनिका मोहले की तलाश कर रही है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
साड़ी कारोबारी की शिकायत पर दर्ज हुआ केस
एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि चौक क्षेत्र निवासी साड़ी कारोबारी आनंद कृष्ण अग्रवाल की शिकायत पर 10 जून को मुकदमा दर्ज किया गया था।
तहरीर के अनुसार, आरोपियों ने नील कॉटेज कॉलोनी स्थित 'बरकत भवन' को 3.20 करोड़ रुपये में बेचने का प्रस्ताव दिया था। सौदा तय होने के बाद कारोबारी ने चेक और आरटीजीएस के माध्यम से 1.50 करोड़ रुपये का भुगतान किया।
बंधक मुक्त कर बैनामा कराने का दिया था भरोसा
शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि भवन बैंक से बंधक मुक्त कराकर जल्द ही विधिवत बैनामा करा दिया जाएगा। इसके लिए विक्रय अनुबंध भी तैयार किया गया और लगातार भरोसा दिलाया जाता रहा कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद संपत्ति खरीदार के नाम दर्ज कर दी जाएगी।
नगर निगम के रिकॉर्ड से खुला पूरा खेल
आनंद कृष्ण अग्रवाल ने बताया कि जब उन्होंने नगर निगम के अभिलेखों की जांच कराई तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। जांच में पता चला कि जिस भवन का सौदा किया गया था, वह रक्षा मंत्रालय की संपत्ति है और उसका निजी स्तर पर क्रय-विक्रय किया ही नहीं जा सकता। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि फर्जी दस्तावेजों और गलत जानकारी के आधार पर उनके साथ सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई है।
नकली दस्तावेजों से हड़पे 3 करोड़ रुपये
पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने पहले बैंकिंग माध्यम से 1.50 करोड़ रुपये लिए और बाद में शेष राशि नकद लेकर कुल 3 करोड़ रुपये हड़प लिए। जब कारोबारी ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने कथित रूप से गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस पूरे प्रकरण में इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।