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2700 रुपये के विवाद में बवाल! ग्राम प्रधान समेत 12 पर FIR का आदेश, महिला ने लगाए मारपीट के आरोप

वाराणसी के चौबेपुर में 2,700 रुपये के लेनदेन के विवाद में ग्राम प्रधान समेत 12 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने का अदालत ने आदेश दिया है। महिला ने घर में घुसकर मारपीट, असलहा लहराने और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस मामले की जांच करेगी।
 

वाराणसी: चौबेपुर थाना क्षेत्र में महज 2,700 रुपये के लेनदेन के विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। मामले में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी सुधाकर राय की अदालत ने गौरा उपरवार गांव निवासी रुबी गोड़ के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए ग्राम प्रधान राघवेंद्र जायसवाल उर्फ गोलू समेत 12 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। महिला ने घर में घुसकर मारपीट, असलहा लहराने और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

10 हजार रुपये उधार देने से शुरू हुआ विवाद

रुबी गोड़ के अनुसार, उनके पति प्रमोद ने चौबेपुर निवासी यशराज यादव को यूपीआई के जरिए 10 हजार रुपये उधार दिए थे। यशराज ने दो बार में कुल 7,300 रुपये वापस कर दिए। इसके बाद जब प्रमोद ने बकाया 2,700 रुपये मांगे तो दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि इसके बाद यशराज ने प्रमोद को गोशाला पर बुलाया और फोन के जरिए ग्राम प्रधान से धमकी दिलाने का प्रयास किया।

घर पहुंचकर मारपीट का आरोप

रुबी का आरोप है कि 27 जून की सुबह करीब सात बजे ग्राम प्रधान राघवेंद्र जायसवाल उर्फ गोलू और सोनू जायसवाल काले रंग की स्कॉर्पियो से उनके घर पहुंचे। महिला के मुताबिक, दोनों ने असलहा लहराते हुए गाली-गलौज की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया।

आरोप है कि इसके बाद घर में घुसकर प्रमोद के साथ मारपीट की गई। बीच-बचाव करने पर रुबी, उनकी सास और बच्चों के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है। रुबी ने यह भी आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान राघवेंद्र जायसवाल ने उनकी 12 वर्षीय दिव्यांग बेटी को चारपाई पर पटक दिया।

112 पर दी सूचना, थाने में भी मारपीट का आरोप

रुबी के अनुसार, घटना के बाद उन्होंने पुलिस की आपात सेवा 112 पर सूचना दी। पुलिस दोनों पक्षों को थाने लेकर गई। आरोप है कि थाने के गेट पर भी उनके पति प्रमोद के साथ मारपीट की गई।

महिला का कहना है कि उन्होंने उसी दिन पुलिस को लिखित तहरीर दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस के उच्चाधिकारियों के साथ महिला आयोग और अनुसूचित जनजाति आयोग को भी शिकायत भेजी। जब कहीं से कार्रवाई नहीं हुई तो रुबी ने अदालत का रुख किया।

अदालत ने 12 लोगों के खिलाफ FIR का दिया आदेश

प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी सुधाकर राय की अदालत ने चौबेपुर पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। मामले में ग्राम प्रधान राघवेंद्र जायसवाल उर्फ गोलू, शिवेंद्र जायसवाल उर्फ शनि, आयुष जायसवाल, अंश जायसवाल, प्रीत जायसवाल, आकाश कुमार गुप्ता उर्फ बिजली समेत कुल 12 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया है।

पुलिस बोली- FIR दर्ज कर जांच के बाद होगी कार्रवाई

चौबेपुर थाना प्रभारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि न्यायालय का आदेश प्राप्त हो गया है। आदेश के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नोट: महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। अदालत के आदेश का अर्थ आरोपों का अंतिम रूप से साबित होना नहीं है।