टेलीग्राम से शुरू हुई कमाई, डेढ़ साल में खाते से 8 करोड़ का ट्रांजेक्शन, वाराणसी में म्यूल अकाउंट चलाने वाला युवक गिरफ्तार
वाराणसी: आसान कमाई के लालच में टेलीग्राम के जरिए बैंक अकाउंट उपलब्ध कराना एक युवक को भारी पड़ गया। वाराणसी के आदमपुर थाने की साइबर सेल ने साइबर अपराधियों के लिए कथित तौर पर 'म्यूल अकाउंट' उपलब्ध कराने के आरोप में सारनाथ क्षेत्र के एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी के बैंक खाते से पिछले डेढ़ साल में 8 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन हुआ है। आरोपी के खिलाफ साइबर धोखाधड़ी से संबंधित मामला दर्ज कर उसे जेल भेजने की तैयारी की गई है।
म्यूल अकाउंट की जांच में सामने आया बड़ा खुलासा
आदमपुर थाना प्रभारी विमल मिश्रा ने बताया कि साइबर सेल इन दिनों साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल अकाउंट्स की जांच कर रही थी। इसी दौरान यूनियन बैंक का एक खाता संदिग्ध पाया गया। जांच में यह खाता सारनाथ थाना क्षेत्र के कोटवां, सरायमोहाना निवासी अनुराग मौर्या के नाम पर दर्ज मिला। बैंक से खाते का करीब डेढ़ साल का स्टेटमेंट मंगाया गया, जिसमें करोड़ों रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ।
डेढ़ साल में खाते से हुआ 8 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन
पुलिस के अनुसार, आरोपी के बैंक खाते से 8 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेनदेन हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि इस खाते से जुड़े तीन साइबर अपराध के मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के लिए थाने बुलाया, जहां उसने कई अहम जानकारियां दीं।
तीन साइबर फ्रॉड मामलों से जुड़ा मिला बैंक खाता
थाना प्रभारी के मुताबिक, इस खाते से जुड़े तीन अलग-अलग वित्तीय धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं- पहले मामले में 37,306 रुपये, दूसरे मामले में 7 करोड़ 6 लाख रुपये, तीसरे मामले में 1 करोड़ 25 लाख रुपये की साइबर ठगी की शिकायत दर्ज है।
टेलीग्राम पर विज्ञापन देखकर शुरू किया था काम
पूछताछ में अनुराग मौर्या ने पुलिस को बताया कि वह उस समय लखनऊ में पढ़ाई कर रहा था। इसी दौरान टेलीग्राम पर उसे एक विज्ञापन दिखाई दिया, जिसमें बैंक अकाउंट उपलब्ध कराकर कमीशन कमाने का दावा किया गया था। आरोपी ने बताया कि उसने 'AC PAY' नामक एप डाउनलोड किया और अपनी बैंक डिटेल साझा कर दी। इसके बाद उसके खाते का इस्तेमाल विभिन्न ट्रांजेक्शन के लिए होने लगा और उसे इसके बदले कमीशन मिलता रहा।
'पता था कि अकाउंट का इस्तेमाल साइबर अपराधी कर रहे हैं'
पुलिस का दावा है कि आरोपी को इस बात की जानकारी थी कि उसका बैंक खाता साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वह आर्थिक लाभ के लिए अपना अकाउंट उपलब्ध कराता रहा। इसी आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
म्यूल अकाउंट से दूर रहने की पुलिस की अपील
साइबर सेल ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के कहने पर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, ओटीपी या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी साझा न करें। पुलिस का कहना है कि कमीशन के लालच में बैंक अकाउंट उपलब्ध कराना भी साइबर अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसे मामलों में खाताधारक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाती है।