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Varanasi Cyber Crime: 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश, 277 गिरफ्तार; 25 करोड़ रुपये कराए होल्ड

वाराणसी में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एक साल में 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश कर 277 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। NCRP की 16,982 शिकायतों का निस्तारण हुआ और 25 करोड़ रुपये होल्ड कराए गए। पीड़ितों को 4.5 करोड़ रुपये वापस भी मिले।
 

वाराणसी: साइबर अपराध के खिलाफ वाराणसी पुलिस की कार्रवाई में पिछले एक साल में 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इन गिरोहों के सरगना समेत 277 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर मिली 16,982 शिकायतों का निस्तारण किया गया और साइबर अपराध से जुड़ी करीब 25 करोड़ रुपये की रकम होल्ड कराई गई। पुलिस के मुताबिक, पीड़ितों को 4.5 करोड़ रुपये वापस भी कराए गए हैं।

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने सोमवार को साइबर थाना और साइबर सेल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों, विभिन्न साइबर पोर्टलों, लंबित मामलों और उनके निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

साइबर थाने में बनेगी डेडिकेटेड हेल्प डेस्क

निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के प्रभावी निस्तारण के लिए डेडिकेटेड हेल्प डेस्क बनाने के निर्देश दिए। इसके लिए समर्पित पुलिसकर्मियों की तैनाती करने को भी कहा गया है।

उन्होंने शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई के साथ पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया। साइबर अपराध के मामलों में शुरुआती स्तर पर सही कार्रवाई होने से पीड़ितों की रकम को समय रहते होल्ड कराने और आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिलती है।

58 साइबर गैंग का राजफाश, 277 आरोपी गिरफ्तार

समीक्षा के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक साल में साइबर अपराध से जुड़े 58 गिरोहों का पर्दाफाश किया गया। इन मामलों में सरगना समेत 277 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

पुलिस ने साइबर ठगी के अलग-अलग तरीकों से जुड़े गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई की है। जांच के दौरान आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल उपकरणों और साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले दूसरे संसाधनों की भी पड़ताल की गई।

Digital Arrest के 5 मामलों में 36 गिरफ्तार

साइबर अपराध के नए और तेजी से फैल रहे तरीके Digital Arrest के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, डिजिटल अरेस्ट से जुड़े 5 मामलों में 36 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।

इन आरोपियों के कब्जे से करीब 1.20 करोड़ रुपये की रकम, मोबाइल फोन, चारपहिया वाहन और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए।

डिजिटल अरेस्ट के मामलों में साइबर अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआई, आरबीआई या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और वीडियो कॉल या दूसरे डिजिटल माध्यमों से पूछताछ के नाम पर पैसे ट्रांसफर कराते हैं।

15 अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़

वाराणसी पुलिस ने अवैध तरीके से संचालित हो रहे 15 कॉल सेंटरों का भी पर्दाफाश किया। इन मामलों में 175 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की जांच में सामने आया कि इन कॉल सेंटरों के जरिए अलग-अलग तरीकों से लोगों को साइबर अपराध का शिकार बनाया जा रहा था। कार्रवाई के बाद पुलिस ने इन नेटवर्क से जुड़े डिजिटल संसाधनों और आरोपियों की गतिविधियों की भी जांच की।

16,982 NCRP शिकायतों का निस्तारण

साइबर अपराध की शिकायतों के निस्तारण में भी पुलिस ने बड़ी संख्या दर्ज की है। पिछले एक साल में NCRP की 16,982 शिकायतों का निस्तारण किया गया।

इन शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए साइबर अपराध से जुड़ी करीब 25 करोड़ रुपये की रकम होल्ड कराई गई। इसके अलावा पीड़ितों के खातों में 4.5 करोड़ रुपये वापस कराए गए। यानी शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने रकम के ट्रांजेक्शन को ट्रैक कर उसे रोकने और पीड़ितों तक वापस पहुंचाने पर भी काम किया।

10,176 मोबाइल नंबर और 8,262 डिवाइस ब्लॉक

साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबरों और उपकरणों पर भी पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराध में इस्तेमाल 10,176 मोबाइल नंबरों को ब्लॉक कराया गया।

इसके साथ ही 8,262 मोबाइल डिवाइस के IMEI नंबर भी ब्लॉक कराए गए। इसका उद्देश्य साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल और डिवाइस को दोबारा अपराध में इस्तेमाल होने से रोकना है।

21 आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट

साइबर अपराध के गंभीर मामलों में आरोपियों पर केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रही। पुलिस ने 21 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की है। इसके अलावा साइबर अपराधियों के इस्तेमाल में रहे 17 चारपहिया वाहन भी बरामद किए गए।

550 लोगों को साइबर अपराधियों के चंगुल से कराया रेस्क्यू

पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराध से जुड़े अभियानों के दौरान 550 लोगों को साइबर अपराधियों के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके अलावा पुलिस ने साइबर अपराध से बचाव को लेकर बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया। अभियान के तहत 25 हजार से अधिक लोगों को जागरूक किया गया।

पुलिस का फोकस लोगों को साइबर ठगी के नए तरीकों, फर्जी कॉल, Digital Arrest, फर्जी निवेश और ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीकों की जानकारी देने पर रहा।

निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के साइबर थाना एवं साइबर सेल के निरीक्षण के दौरान DCP नीतू, ACP क्राइम अपूर्व पांडेय और दारोगा कृष्ण कुमार जायसवाल मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधे बातचीत की और साइबर अपराध से जुड़े मामलों की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली।

साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी

वाराणसी में साइबर अपराध के मामले लगातार पुलिस की प्राथमिकता में हैं। बड़ी संख्या में शिकायतों के बीच पुलिस अब शिकायतों के त्वरित निस्तारण के साथ-साथ साइबर गिरोहों के नेटवर्क, फर्जी कॉल सेंटर, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल नंबरों व उपकरणों पर कार्रवाई कर रही है।