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मुआवजे के 9.03 लाख खाते में आए थे, APK पर क्लिक करते ही निकल गए 6.64 लाख

वाराणसी के मंगारी गांव में बाबतपुर एयरपोर्ट विस्तार का मुआवजा मिलने के बाद साइबर ठगी का मामला सामने आया है। अंजू देवी के संयुक्त बैंक खाते से APK फाइल के जरिए 6.64 लाख रुपये निकाल लिए गए। पुलिस ने केस दर्ज कर मोबाइल नंबर और बैंक लेनदेन की जांच शुरू कर दी है।

 

वाराणसी: बाबतपुर एयरपोर्ट विस्तार के लिए मिले मुआवजे की रकम पर साइबर ठगों ने सेंध लगा दी। फूलपुर थाना क्षेत्र के मंगारी गांव की रहने वाली अंजू देवी के संयुक्त बैंक खाते से साइबर अपराधियों ने APK फाइल के जरिए कुल 6,64,783 रुपये निकाल लिए। पीड़िता की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

अंजू देवी के मुताबिक, उनका और उनके पति मनोज पटेल का सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में संयुक्त बचत खाता है। इसी खाते में बाबतपुर एयरपोर्ट विस्तार के मुआवजे के तौर पर 9.03 लाख रुपये आए थे। इसके बाद 20 अगस्त से 31 अगस्त के बीच खाते से अलग-अलग माध्यमों के जरिए 6,51,783 रुपये निकाल लिए गए। इसके अलावा बैंक की मंगारी शाखा से जुड़े एक अन्य खाते से भी 13 हजार रुपये निकाले गए। इस तरह कुल 6,64,783 रुपये की साइबर ठगी हुई।

WhatsApp पर आई APK फाइल, क्लिक करते ही शुरू हुआ खेल

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उनके WhatsApp पर एक अनजान मोबाइल नंबर से APK फाइल भेजी गई थी। उन्होंने फाइल पर क्लिक किया। आरोप है कि इसके बाद साइबर अपराधियों ने मोबाइल और बैंक खाते से संबंधित जानकारी तक पहुंच बना ली।

इसके बाद खाते से लगातार रकम निकलती चली गई। जब अंजू देवी को बैंक खाते से पैसे कटने की जानकारी हुई तो उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस से शिकायत की।

मोबाइल नंबर और लेनदेन की जांच में जुटी पुलिस

साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच निरीक्षक ओम प्रकाश सरोज को सौंपी गई है। पुलिस खाते से हुए लेनदेन का विवरण खंगाल रही है। इसके साथ ही उस मोबाइल नंबर की भी जांच की जा रही है, जिससे पीड़िता के WhatsApp पर APK फाइल भेजी गई थी।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई और ठगी के पीछे कौन लोग शामिल हैं।

APK फाइल से रहें सावधान

पुलिस ने लोगों को WhatsApp या SMS के जरिए आने वाली अनजान APK फाइलों से सावधान रहने की अपील की है। पुलिस के मुताबिक, ऐसी संदिग्ध फाइलें मोबाइल में सेंध लगाने और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी तक पहुंच बनाने का माध्यम बन सकती हैं।

किसी अनजान नंबर से भेजी गई APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करना चाहिए। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचना जरूरी है। अगर साइबर ठगी हो जाए तो पीड़ित को बिना देरी किए 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। समय पर शिकायत करने से रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की संभावना बढ़ सकती है।