सरकारी नौकरी पाने की चाह में दादी को जहर देने का आरोप, पोती-दामाद गिरफ्तार
वाराणसी के लोहता क्षेत्र में कृषि विभाग की कर्मचारी ने अपनी पोती और दामाद पर सरकारी नौकरी पाने के लिए खाने में जहर देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामला मृतक आश्रित कोटे में नौकरी पाने की कथित साजिश से जुड़ा है।
वाराणसी: लोहता थाना क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां कृषि विभाग में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने अपनी पोती और दामाद पर खाने में जहर देकर हत्या का प्रयास करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का दावा है कि सरकारी नौकरी हासिल करने की नीयत से दोनों ने यह साजिश रची। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी दंपती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
कृषि विभाग की कर्मचारी ने दर्ज कराई प्राथमिकी
कोरौता स्थित गोपालपुर निवासी पानपति (55), जो कृषि विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं, ने लोहता थाने में अपनी पोती रबिना और उसके पति मोनू कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। दोनों आरोपी सिगरा क्षेत्र के मलदहिया स्थित मलिन बस्ती के रहने वाले बताए गए हैं।
पीड़िता के अनुसार 19 जून की सुबह करीब 8:30 बजे पोती रबिना और उसका पति मोनू कुमार उनके घर पहुंचे थे। आरोप है कि दोनों ने भोजन में जहर मिलाकर उन्हें खिला दिया, जिससे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उल्टियां होने लगीं। हालत खराब होते देख दोनों मौके से फरार हो गए।
अस्पताल पहुंचने से पहले सड़क पर हुईं बेहोश
पानपति ने बताया कि किसी तरह वह घर से निकलकर इलाज के लिए अस्पताल जाने का प्रयास कर रही थीं, लेकिन सिटकहवां बाबा मंदिर के पास पहुंचते ही बेहोश होकर गिर पड़ीं। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल में जांच के दौरान चिकित्सकों ने जहर दिए जाने की आशंका जताई और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज किया और उसका वीडियो रिकॉर्ड भी कराया।
पांच साल बाद सेवानिवृत्त होना है
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उनके पति शिवमूरत की पहले ही मृत्यु हो चुकी है और वह अकेले रहती हैं। उनकी पोती और दामाद का घर पर आना-जाना लगा रहता था।
पानपति का आरोप है कि उनकी सेवा निवृत्ति में अभी करीब पांच वर्ष का समय बाकी है। इसी वजह से पोती उन्हें रास्ते से हटाकर मृतक आश्रित कोटे के तहत सरकारी नौकरी हासिल करना चाहती थी।
पुलिस ने किया गिरफ्तार
लोहता थाना प्रभारी दिगंबर उपाध्याय ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर जहर देकर हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। रविवार को दोनों आरोपियों को मुड़ैला तिराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने दोनों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
मृतक आश्रित नौकरी पाने की थी कथित योजना
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनकी नजर सरकारी नौकरी पर थी। उन्हें उम्मीद थी कि यदि पानपति की मृत्यु हो जाती है तो मृतक आश्रित कोटे के तहत नौकरी हासिल करने में आसानी होगी।
हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटना से जुड़े साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य तथ्यों को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।