वाराणसी में LGBTQ ऐप से साइबर ठगी का खुलासा, Grindr-Polo के जरिए बनाते थे शिकार; एक गिरफ्तार
वाराणसी पुलिस ने ऑपरेशन Cy-Vajra के तहत Grindr और Polo ऐप के जरिए लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोह का खुलासा किया है। एक आरोपी गिरफ्तार हुआ है, जबकि कई अन्य फरार हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी है।
वाराणसी: साइबर अभियान 'ऑपरेशन Cy-Vajra' के तहत वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने LGBTQ डेटिंग ऐप Grindr और Polo के माध्यम से लोगों को झांसे में लेकर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। बड़ागांव थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके कई साथी मौके से फरार हो गए। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
साइबर पोर्टल की शिकायत से खुला ठगी का राज
पुलिस के अनुसार साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज शिकायत संख्या 33105260116651 की जांच के दौरान पीड़ित मिथिलेश रघुवंशी ने बताया कि उनकी पहचान Grindr ऐप पर हुई थी। बातचीत के बाद उनसे ऑनलाइन 85 हजार रुपये की ठगी कर ली गई।
जांच के दौरान एक व्यक्ति ने खुद को आदर्श बताते हुए शिकायतकर्ता को बड़ागांव थाना क्षेत्र में मिलने के लिए बुलाया। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।
पुलिस को देखते ही भागे आरोपी, एक दबोचा गया
बड़ागांव थाना क्षेत्र के सातोमहुआ अहरक के पास पुलिस को 7-8 संदिग्ध युवक एक साथ मिले। पुलिस टीम को देखते ही सभी भागने लगे। घेराबंदी कर पुलिस ने आदर्श चौबे (20 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके अन्य साथी फरार होने में सफल रहे।
गिरफ्तार आरोपी पर बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
ऐसे फंसाते थे शिकार, मोबाइल लेकर खाते से उड़ाते थे पैसे
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों आयुष सिंह, उत्कर्ष सिंह, शनि शर्मा, अंकित सिंह, दिव्यांशु यादव, नितेश दुबे, हर्ष तिवारी और आयुष दीक्षित के साथ मिलकर Grindr और Polo जैसे LGBTQ ऐप्स पर लोगों से दोस्ती करते थे।
बातचीत के बाद मिलने के लिए बुलाया जाता था। मुलाकात के दौरान पीड़ित का मोबाइल अपने कब्जे में लेकर उसके बैंक खाते से ऑनलाइन रकम ट्रांसफर कर ली जाती थी।
लोकलाज का उठाते थे फायदा
आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि गिरोह कई महीनों से इसी तरीके से वारदातों को अंजाम दे रहा था। अधिकांश पीड़ित सामाजिक बदनामी और लोकलाज के डर से पुलिस में शिकायत नहीं करते थे, जिसका फायदा उठाकर गिरोह लगातार ठगी करता रहा।
आज भी नए शिकार को बुलाया था
पुलिस के अनुसार आरोपी और उसके साथी सोमवार को भी एक व्यक्ति को मिलने के लिए बुलाकर ठगी की तैयारी में थे। इसी दौरान सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी गिरफ्तार हो गया, जबकि अन्य सदस्य फरार हो गए।
ऑपरेशन Cy-Vajra के तहत लगातार कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन Cy-Vajra के तहत साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।