शिवसेना (UBT) नेता हत्याकांड में यूपी STF की कार्रवाई, वाराणसी के संतोष कन्नौजिया और अमित सिंह प्रयागराज से गिरफ्तार
वाराणसी: महाराष्ट्र के ठाणे में शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले में यूपी एसटीएफ और महाराष्ट्र क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। दोनों को शुक्रवार रात नैनी थाना क्षेत्र के अरैल सेल्फी पॉइंट से पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वाराणसी के चोलापुर क्षेत्र निवासी संतोष कन्नौजिया उर्फ टल्ली और अमित सिंह उर्फ पपलू के रूप में हुई है।
ठाणे में 29 सितंबर को हुई थी हत्या
एसटीएफ के मुताबिक, 29 सितंबर को ठाणे के चितणसर मानपाड़ा क्षेत्र में प्रदीप पूर्णेकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के मनपाड़ा वार्ड प्रमुख थे। बताया गया है कि ब्लॉक प्रमुख और कॉरपोरेटर चुनाव से जुड़ी रंजिश इस वारदात की वजह बनी।
हमले के दौरान पूर्णेकर पर करीब छह राउंड गोलियां चलाई गई थीं। आरोप है कि उन पर चापड़ से भी वार किया गया। घटना के बाद ठाणे के कापुरबावड़ी थाने में मामला दर्ज किया गया था।
सीसीटीवी फुटेज से सामने आई अमित सिंह की भूमिका
यूपी एसटीएफ की प्रयागराज इकाई के डिप्टी एसपी शैलेश सिंह के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले में पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। फुटेज में हेलमेट पहने व्यक्ति की पहचान अमित सिंह के रूप में सामने आई।
जांच में संतोष कन्नौजिया, अमित सिंह और पहले गिरफ्तार किए गए सुभाष उर्फ पप्प्या शिंदे की भूमिका सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, संतोष और सुभाष पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। वारदात में इस्तेमाल किए गए असलहे और गाड़ी की व्यवस्था संतोष ने की थी। उस पर शूटरों को भाड़े पर तैयार करने का भी आरोप है।
हत्या के बाद प्रयागराज आ गए थे आरोपी
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों आरोपी प्रयागराज आ गए थे। संतोष कन्नौजिया चोलापुर के आयर गांव का रहने वाला है, जबकि अमित सिंह बबियाव गांव का निवासी है। दोनों महाराष्ट्र के ठाणे और भायंदर में रहते थे।
एसटीएफ के मुताबिक, संतोष का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 2022 में उसके खिलाफ ठाणे के कापुरबावड़ी थाने में दो आपराधिक मामले दर्ज थे।
महाराष्ट्र पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी की
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को प्रयागराज के नैनी थाने में दाखिल कराया गया। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस ने उन्हें अपने साथ ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी की। अब मामले में उनकी भूमिका को लेकर आगे की जांच महाराष्ट्र पुलिस करेगी।