सामनेघाट के किराए के मकान में बन रहे थे अवैध हथियार, 143 जिंदा कारतूस समेत, हथियार बनाने की मशीनें बरामद
वाराणसी के सामनेघाट में लंका पुलिस ने किराए के मकान में चल रही अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। मौके से तीन देसी पिस्टल, 143 जिंदा कारतूस, खोखे और हथियार बनाने की मशीनें बरामद हुई हैं। पुलिस ने फैक्ट्री के मुख्य सरगना समेत कई आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
वाराणसी: सामनेघाट में किराए के मकान में चल रही अवैध असलहा फैक्ट्री का लंका पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान निर्मित और अर्धनिर्मित हथियारों के साथ 143 जिंदा कारतूस, 24 खोखा कारतूस और असलहे बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें व उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, फैक्ट्री का मुख्य सरगना भेलूपुर निवासी अंजनी नंदन झा है। वह जगन्नाथ मंदिर के पुजारी विमल झा का बेटा है। पुलिस ने पुजारी को भी इस मामले में आरोपित बनाया है।
इस अवैध फैक्ट्री का खुलासा उस समय हुआ, जब 30 अक्टूबर की रात क्राइम टीम के सिपाही अमित शुक्ला को गोली मारकर फरार हुए बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामनेघाट स्थित मकान में हथियार बनाने का पूरा इंतजाम होने की जानकारी मिली। शनिवार को लंका थाने में प्रेसवार्ता के दौरान एडीसीपी काशी वैभव बांगर ने पुलिस टीम की सराहना की। उन्होंने थानाध्यक्ष राजकुमार शर्मा और उनकी टीम को एक लाख रुपये का पुरस्कार दिलाने की घोषणा भी की।
सिपाही को तीन गोलियां मारकर फरार हुए थे बदमाश
एडीसीपी काशी जोन वैभव बांगर ने बताया कि 30 अक्टूबर की रात पुलिस को असलहा तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद लंका पुलिस की टीम आरोपितों की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान बृज इन्क्लेव अपार्टमेंट के पास बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। गोलीबारी में क्राइम टीम के आरक्षी अमित कुमार शुक्ला को तीन गोलियां लगीं।
फायरिंग के बाद आरोपी स्कूटी से फरार हो गए। पुलिस टीम ने उनका पीछा किया और लौटूबीर अंडरपास के पास मुठभेड़ के दौरान रमना के गड़वाघाट निवासी राज विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
इसके कुछ घंटे बाद पुलिस ने फरार दो अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान भेलूपुर निवासी अंजनी नंदन झा (24) और बिहार के गोपालगंज जिले के रामपुर खरेया निवासी राजू तिवारी (21) के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे असलहे बेचने के इरादे से बृज इन्क्लेव अपार्टमेंट के पास पहुंचे थे। पुलिस के पकड़ने के डर से उन्होंने फायरिंग की थी।
पुलिस ने दो आरोपितों को शनिवार को जेल भेज दिया, जबकि एक से पूछताछ जारी रही।
सामनेघाट के किराए के मकान में चल रही थी फैक्ट्री
पूछताछ के दौरान एक आरोपित ने पुलिस को बताया कि सामनेघाट स्थित एक किराए के कमरे में अवैध असलहा फैक्ट्री संचालित की जा रही है। वहां हथियार बनाने के लिए मशीनें और कई तरह के उपकरण रखे गए हैं। जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने मकान पर छापा मारा तो कमरे में असलहे बनाने का पूरा इंतजाम मिला।
पुलिस ने मौके से तीन देसी पिस्टल .32 बोर, 143 जिंदा कारतूस और 24 खोखा कारतूस बरामद किए। इसके अलावा हथियार बनाने वाली मशीनें, औजार, लोहे के टुकड़े, धातु, लिक्विड और नाप-तौल करने वाली मशीनें भी मिलीं। पुलिस को वहां कई निर्मित और अर्धनिर्मित असलहे भी बरामद हुए।
पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री का मुख्य सरगना अंजनी नंदन झा है। वह भेलूपुर निवासी है और जगन्नाथ मंदिर के पुजारी विमल झा का बेटा है। इस मामले में पुलिस ने उसके पिता को भी आरोपित बनाया है।
बरामदगी के लिए ले जाने पर पुलिस टीम पर फिर की फायरिंग
पुलिस के मुताबिक, शनिवार की भोर में गिरफ्तार किए गए दो अन्य आरोपितों को असलहों की बरामदगी के लिए सामनेघाट ले जाया गया था। इस दौरान दोनों ने छिपाकर रखे गए हथियार से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपितों के पैर में गोली लगी।
घायल आरोपितों को बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से .32 बोर की दो देसी पिस्टल, एक अवैध रिवॉल्वर, छह खोखा कारतूस और दो जिंदा कारतूस बरामद किए।
पुलिस टीम को मिलेगा एक लाख रुपये का पुरस्कार
शनिवार को लंका थाने में आयोजित प्रेसवार्ता में एडीसीपी काशी वैभव बांगर ने कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने पुलिस टीम के काम की सराहना करते हुए थानाध्यक्ष राजकुमार शर्मा और उनकी टीम को एक लाख रुपये का पुरस्कार दिलाने की घोषणा की। पुलिस अब इस मामले में अवैध असलहा फैक्ट्री और हथियारों की सप्लाई से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।