{"vars":{"id": "130921:5012"}}

जमीन रजिस्ट्री के नाम पर हेड कांस्टेबल से 10 लाख की ठगी का आरोप, दो सिपाही समेत 5 पर केस

वाराणसी में जमीन की रजिस्ट्री कराने के नाम पर हेड कांस्टेबल से करीब 10 लाख रुपये लेने और रकम वापस मांगने पर धमकी देने का मामला सामने आया है। कैंट थाने में दो आरक्षियों समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस मुख्य आरोपी गौरव गुप्ता के पुराने मुकदमों की भी जानकारी जुटा रही है।
 

वाराणसी। जमीन की रजिस्ट्री कराने का भरोसा देकर हेड कांस्टेबल से करीब 10 लाख रुपये लेने और रकम वापस मांगने पर धमकी देने का मामला सामने आया है। कैंट थाने में गौरव गुप्ता, पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी द्विविजय यादव, आरक्षी दीपक कुमार समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों आरक्षियों पर अपने-अपने बैंक खातों में पांच-पांच लाख रुपये लेने का आरोप है।

पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी गौरव गुप्ता के खिलाफ पहले से करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। मामले की जांच में पुलिस लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है।

मुर्दहा चौकी के पीछे प्लाट दिखाकर 20 लाख में तय किया सौदा

चंदौली में यूपी-112 में तैनात हेड कांस्टेबल बृजेश वर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वाराणसी में तैनाती के दौरान उनकी पहचान अशोक विहार कॉलोनी, पहड़िया निवासी गौरव गुप्ता से हुई थी। गौरव ने खुद को जमीन की खरीद-फरोख्त का काम करने वाला बताते हुए मुर्दहा चौकी के पीछे एक प्लाट दिखाया।

हेड कांस्टेबल के अनुसार, प्लाट की कीमत 20 लाख रुपये बताई गई थी। जमीन का सौदा तय होने के बाद 28 अगस्त 2024 को मकबूल आलम रोड स्थित एक कार्यालय में करीब 4.99 लाख रुपये अग्रिम दिए गए।

चेक, नकद और ऑनलाइन माध्यम से दी रकम

तहरीर के मुताबिक, अग्रिम रकम में एक लाख रुपये एसबीआई के चेक से, 1,99,832 रुपये नकद, 99,168 रुपये पेटीएम और एक लाख रुपये गूगल-पे के जरिए दिए गए। चेक पवन कुमार के नाम से लिया गया था और उसका भुगतान भी हो गया।

आरोप है कि इसके बाद गौरव गुप्ता ने जमीन के सौदे के लिए शेष रकम की व्यवस्था कराने की बात कही। इसी क्रम में हेड कांस्टेबल को बैंक ऑफ बड़ौदा से 19 लाख रुपये का व्यक्तिगत ऋण दिलाने की प्रक्रिया शुरू कराई गई।

बैंक में सिपाही के मौजूद रहने का भी आरोप

तहरीर में आरोप लगाया गया है कि ऋण की प्रक्रिया के दौरान गौरव गुप्ता के साथ आरक्षी दीपक कुमार और एक अन्य व्यक्ति भी बैंक में मौजूद थे। मामले में दोनों आरक्षियों पर अपने खातों में पांच-पांच लाख रुपये लेने और जमीन की रजिस्ट्री कराने का भरोसा देने का आरोप लगाया गया है।

हेड कांस्टेबल का आरोप है कि बाद में जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो उन्हें धमकी दी गई। इसके बाद उन्होंने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा, जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने शिकायत के आधार पर गौरव गुप्ता, आरक्षी द्विविजय यादव, आरक्षी दीपक कुमार समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब जमीन के सौदे, बैंक लेनदेन, ऑनलाइन भुगतान और ऋण से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस मुख्य आरोपी गौरव गुप्ता के खिलाफ दर्ज पुराने मुकदमों की जानकारी भी जुटा रही है।