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नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी को 20 साल की सजा: पॉक्सो कोर्ट का सख्त फैसला, 55 हजार जुर्माना

वाराणसी की पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में विजय कुमार यादव को दोषी ठहराते हुए 20 साल की सश्रम कारावास और 55 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वर्ष 2020 में आदमपुर थाने में केस दर्ज हुआ था। मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों ने केस को मजबूत किया।

 

वाराणसी: इलाज के दौरान लापरवाही बरतने के मामले में एपेक्स अस्पताल के प्रबंधक समेत दो के खिलाफ एफआईआर का आदेश दिया गया है। वहीं बीएचयू में छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले की सुनवाई टल गई। 

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट षष्ठम अर्पित पवार की कोर्ट ने इलाज के दौरान लापरवाही बरतने पर सेवानिवृत्त जवान की मौत के मामले में एपेक्स हॉस्पिटल के प्रबंधन संतोष सिंह और संबंधित चिकित्सक डॉ. अनुराग दीक्षित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने चितईपुर थानाध्यक्ष को निर्देशित किया है कि प्रार्थी के आवेदन पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करें। 

आजमगढ़ निवासी वादी अमित कुमार सिंह ने कोर्ट में आवेदन दिया। आरोप लगाया कि उसका भाई आईटीबीटी से सेवानिवृत्त सुजीत कुमार सिंह के गॉल ब्लैडर (पित्त की थैली) में स्टोन के ऑपरेशन के लिए चितईपुर के एपेक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 

23 अप्रैल 2025 को डॉ. अनुराग दीक्षित ने ऑपरेशन किया। घर आने के बाद उसकी तबीयत खराब हो गई। दोबारा अस्पताल पहुंचा तो गंभीरता से नहीं देख कर उसे बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। 10 मई को सुजीत की लखनऊ के अस्पताल में मौत हो गई। पता चला कि एपेक्स अस्पताल के डाक्टरों ने लापरवाही से ऑपरेशन किया। इसके बाद वादी ने थाने से लेकर पुलिस उच्चाधिकारियों तक गुहार लगाई। कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट में आवेदन दिया। 


कोर्ट ने सीएमओ वाराणसी को मेडिकल बोर्ड से जांच करने को निर्देशित किया था। उसके बाद मेडिकल बोर्ड ने भी रिपोर्ट में लापरवाही दर्शायी था। कोर्ट ने पत्रावली के अवलोकन करने के बाद डॉक्टरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।