शेयर मार्केट में निवेश से पहले हो जाएं सावधान! मोटे मुनाफे का लालच देकर WhatsApp ग्रुप से हो रही ठगी
वाराणसी: शेयर बाजार में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों से निवेश कराने वाले एक कथित म्यूल अकाउंट संचालक के खिलाफ मंडुआडीह पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी वाट्सएप ग्रुप बनाकर लोगों को शेयर बाजार में निवेश के लिए प्रेरित करता था और भारी रिटर्न का लालच देकर रकम अपने बैंक खाते में जमा कराता था। जांच के दौरान उसके खिलाफ पहले से दर्ज साइबर ठगी के मामलों की भी जानकारी सामने आई है।
WhatsApp ग्रुप बनाकर देता था निवेश की सलाह
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान अंकित कुमार मौर्या के रूप में हुई है। वह मूल रूप से चंदौली जिले के सकलडीहा थाना क्षेत्र के नोनार गांव का रहने वाला है और वर्तमान में वाराणसी के सिगरा इलाके में रह रहा था।
आरोप है कि वह अपने मोबाइल नंबर से एक वाट्सएप ग्रुप संचालित करता था, जिसमें लोगों को जोड़कर विभिन्न कंपनियों के शेयरों में निवेश करने की सलाह देता था। वह निवेश पर अधिक लाभ मिलने का भरोसा दिलाकर लोगों से रकम जमा कराता था।
बिना लाइसेंस दे रहा था वित्तीय सलाह
पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसके पास शेयर बाजार या निवेश संबंधी वित्तीय सलाह देने के लिए कोई वैध लाइसेंस, पंजीकरण अथवा नियामकीय अनुमति नहीं थी। पुलिस के मुताबिक वह केवल आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से लोगों को निवेश के लिए प्रेरित कर रहा था।
बैंक खाते से जुड़े मिले साइबर ठगी के मामले
मंडुवाडीह पुलिस ने जब आरोपी के बैंक खाते की जांच NCRB और समन्वय पोर्टल के माध्यम से कराई तो उसके खिलाफ साइबर ठगी से संबंधित दो शिकायतें मिलीं। इन मामलों में लगभग 78 हजार रुपये की धोखाधड़ी दर्ज पाई गई। इसके अलावा ICJS पोर्टल की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के खिलाफ हरियाणा के हिसार साइबर क्राइम थाने में भी एक मामला पहले से दर्ज है।
पुलिस ने दर्ज की FIR
थाना प्रभारी अजयराज वर्मा ने बताया कि मामले में उपनिरीक्षक सुरेंद्र कुमार यादव की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब आरोपी की गतिविधियों, बैंक खातों, लेनदेन और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
निवेश से पहले बरतें सावधानी
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वाट्सएप ग्रुप, सोशल मीडिया चैनल या अनजान व्यक्ति की सलाह पर शेयर बाजार में निवेश न करें। निवेश से पहले यह जरूर जांच लें कि सलाह देने वाला व्यक्ति SEBI से पंजीकृत है या नहीं। बिना सत्यापन के पैसा निवेश करना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।