वाराणसी में सहायक बोरिंग टेक्नीशियन परीक्षा में नकल गैंग का भंडाफोड़, सरगना समेत 13 गिरफ्तार, 5-5 लाख में होता था सौदा
वाराणसी: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से आयोजित लघु सिंचाई विभाग के सहायक बोरिंग टेक्नीशियन भर्ती परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। परीक्षा के दौरान वाराणसी के दो परीक्षा केंद्रों से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की मदद से नकल कर रहे दो अभ्यर्थियों को पकड़ा गया। मामले की जांच आगे बढ़ी तो यूपी एसटीएफ ने प्रयागराज में छापेमारी कर गिरोह के सरगना समेत कुल 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने के नाम पर प्रत्येक अभ्यर्थी से 5-5 लाख रुपये वसूले जाते थे। वाराणसी और प्रयागराज से गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ सिगरा और कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
परीक्षा के दौरान मिला था नकल का इनपुट
एसटीएफ निरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि परीक्षा के दौरान एसटीएफ की वाराणसी इकाई लगातार निगरानी कर रही थी। इसी बीच सूचना मिली कि प्रयागराज से संचालित एक संगठित गिरोह माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने का काम कर रहा है।
जांच में पता चला कि गिरोह का सरगना शिवजीत पटेल और उसका भाई कप्तान सिंह पटेल प्रयागराज के बहरिया क्षेत्र में एक कमरे से सॉल्वरों की मदद से वाराणसी में परीक्षा दे रहे अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर भेज रहे थे। सूचना मिलते ही एसटीएफ ने प्रयागराज में छापा मारकर गिरोह के सदस्यों और सॉल्वरों को गिरफ्तार कर लिया।
वाराणसी के दो परीक्षा केंद्रों से पकड़े गए अभ्यर्थी
एसटीएफ की दूसरी टीम ने आरोपियों की निशानदेही पर वाराणसी के मैदागिन स्थित हरिश्चंद्र बालिका इंटर कॉलेज और लल्लापुरा स्थित एंग्लो मुस्लिम स्कूल में कार्रवाई की। यहां से दो अभ्यर्थियों को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ गिरफ्तार किया गया। दोनों परीक्षा के दौरान बाहरी मदद से प्रश्नों के उत्तर प्राप्त कर रहे थे।
5 लाख रुपये लेकर पास कराने का दावा
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि शिवजीत पटेल, कप्तान सिंह पटेल, दीपक पटेल और राजेन्द्र यादव उर्फ धीरेन्द्र यादव लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने का संगठित नेटवर्क चला रहे थे।
गिरोह अपने रिश्तेदारों और परिचितों के माध्यम से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों से संपर्क करता था। उन्हें परीक्षा में सफल कराने का भरोसा देकर प्रत्येक उम्मीदवार से 5 लाख रुपये लिए जाते थे। इसके बाद परीक्षा के दौरान माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए सॉल्वर प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराते थे।
13 आरोपी गिरफ्तार, कई जिलों तक फैला नेटवर्क
एसटीएफ ने इस कार्रवाई में कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें गिरोह का संचालक, सॉल्वर और परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपी प्रयागराज, प्रतापगढ़ और आसपास के जिलों के रहने वाले हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में कप्तान सिंह पटेल, ओमप्रकाश पटेल, राकेश पटेल, रविकांत वर्मा उर्फ अखिलेश, धर्मेन्द्र कुमार सिंह, लालता प्रसाद, अनुज कुमार पाल, शिव प्रकाश पटेल, मनोज कुमार, विपिन कुमार वर्मा (अभ्यर्थी), धर्मेन्द्र कुमार (अभ्यर्थी), चन्दर और दीपक पटेल शामिल हैं।
वाराणसी और प्रयागराज में दर्ज हुआ मुकदमा
एसटीएफ की कार्रवाई के बाद वाराणसी और प्रयागराज में आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, वित्तीय लेनदेन और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य अभ्यर्थियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
प्रारंभिक जांच से साफ है कि यह गिरोह लंबे समय से सरकारी भर्ती परीक्षाओं को निशाना बनाकर हाईटेक तकनीक के जरिए नकल कराने का संगठित कारोबार चला रहा था। STF अब यह भी पता लगा रही है कि इस रैकेट का संबंध अन्य भर्ती परीक्षाओं से भी रहा है या नहीं।