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युवती से दुष्कर्म, विरोध पर भाई को जिंदा जलाया… वाराणसी कोर्ट ने मामा-भांजे को सुनाई उम्रकैद की सजा

वाराणसी की अदालत ने युवती से दुष्कर्म और उसके भाई को जिंदा जलाकर मारने के मामले में मामा-भांजे को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जानें पूरे मामले की दर्दनाक कहानी और अदालत की सख्त टिप्पणी।

 

वाराणसी: युवती को नौकरी दिलाने के बहाने मुंबई और गोवा ले जाकर दुष्कर्म करने और उसके भाई को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने मामा-भांजे को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में पूरी तरह सफल रहा।

नौकरी का झांसा देकर युवती को ले गया आरोपी

मामला वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र का बताया गया है। अभियोजन के अनुसार, आरोपी महेश्वर पांडेय ने वर्ष 2012 में युवती को नौकरी दिलाने का झांसा दिया और उसे मुंबई लेकर गया।

इसके बाद आरोपी उसे गोवा भी ले गया, जहां लंबे समय तक उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी लगातार उसे धमकाता था और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देता था।

भाई ने विरोध किया तो पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया

अभियोजन के मुताबिक, जब युवती के भाई कुंजेश पांडेय को मामले की जानकारी हुई तो उसने विरोध किया। 18 अप्रैल 2016 की सुबह आरोपी महेश्वर अपने भांजे के साथ पीड़िता के घर पहुंचा। दोनों आरोपियों ने युवक के साथ मारपीट की और उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसे युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।

लगातार मिल रही थी धमकी

पीड़िता ने अदालत को बताया कि आरोपी कई वर्षों तक उसे धमकाता रहा। वह मोबाइल फोन के जरिए लगातार दबाव बनाता था और कहता था कि अगर उसने विरोध किया या घर लौटने की कोशिश की तो पूरे परिवार को खत्म कर देगा। पीड़िता ने यह भी कहा कि भय और मजबूरी के कारण वह लंबे समय तक आरोपियों के कब्जे में रही।

कोर्ट ने कहा- गंभीर अपराध, सख्त सजा जरूरी

जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। कोर्ट ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर और समाज को झकझोर देने वाला है। अदालत ने दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने की स्थिति में अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।