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 पहलगाम आतंकी हमले में तुम्हारा नाम है...18 दिनों तक रखा ‘डिजिटल अरेस्ट’, फिर की वाराणसी के युवक से 28.65 लाख की साइबर ठगी

 

वाराणसी में साइबर जालसाजों ने पहलगाम आतंकी हमले में नाम आने का खौफ दिखाकर एक व्यक्ति से 28.65 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को एटीएस अधिकारी बताकर पीड़ित को करीब 18 दिनों तक मानसिक दबाव में रखा, जिसे अब ‘डिजिटल अरेस्ट’ कहा जा रहा है। मामले में साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

एटीएस अधिकारी बनकर आया पहला फोन

पीड़ित रामजन्म प्रसाद, जो बड़ागांव थाना क्षेत्र के निवासी हैं, ने साइबर पुलिस को बताया कि 6 दिसंबर की सुबह करीब साढ़े आठ बजे एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस लखनऊ का अधिकारी बताते हुए कहा कि पहलगाम आतंकी हमले की जांच में उनका नाम सामने आया है। डराते हुए कहा गया कि उन्हें तुरंत एटीएस पुणे कार्यालय पहुंचकर दस्तावेजों के साथ एनओसी लेनी होगी।

12 मिनट की कॉल में डराकर बनाया जाल

रामजन्म प्रसाद के अनुसार, शुरुआती 12 मिनट की बातचीत में ही ठगों ने उन्हें गंभीर परिणामों की धमकी दी। कहा गया कि उनके बैंक खाते की भी जांच होगी और अगर खुद को बचाना है तो खाते को “खाली” दिखाना पड़ेगा। ऐसा न करने पर उम्रकैद तक की सजा का डर दिखाया गया। इसके बाद उन्हें परिवार या किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क न करने की सख्त हिदायत दी गई।

अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए 28.65 लाख

पीड़ित ने बताया कि 6 दिसंबर से 24 दिसंबर तक लगातार अलग-अलग लोग उनसे फोन पर बात करते रहे और डराते-धमकाते रहे। जांच का हवाला देकर उनसे कहा गया कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, खाते में कोई रकम नहीं रहनी चाहिए। इसके बाद ठगों द्वारा बताए गए खातों में 15 से 24 दिसंबर के बीच कुल 28 लाख 65 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।

इस दौरान पीड़ित न तो अपने परिजनों से खुलकर मिला और न ही किसी को कुछ बताया। जब पूरी रकम ट्रांसफर हो गई और बाद में कॉल करने पर नंबर बंद मिला, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ।

साइबर थाने में मुकदमा, जांच शुरू

परिजनों से चर्चा के बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम थाना प्रभारी गोपालजी कुशवाहा ने बताया कि मामले में संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। ठगों के मोबाइल नंबर और डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर खुद को अधिकारी बताने वालों के झांसे में न आएं और ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।