Bengal Election Result: 97% मुस्लिम वोट BJP को? एक बूथ की गिनती ने TMC से छीन ली सीट और पलट गई पूरी बाजी!
पश्चिम बंगाल के राजारहाट न्यू टाउन सीट पर एक मुस्लिम बहुल बूथ से BJP को 97% वोट मिलने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। TMC ने चुनाव परिणामों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं, जबकि EVM गड़बड़ी के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। जानिए पूरा मामला।
Bengal Election Result: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर सत्ता पर कब्जा कर लिया, लेकिन इस प्रचंड जनादेश के बीच एक सीट ऐसी भी रही जिसने पूरे चुनावी नैरेटिव को रहस्य, विवाद और सवालों के घेरे में ला खड़ा किया। राजारहाट न्यू टाउन विधानसभा सीट पर आखिरी दौर की गिनती में ऐसा उलटफेर हुआ कि TMC की बढ़त अचानक BJP की जीत में बदल गई। सबसे बड़ा सवाल उस मुस्लिम बहुल बूथ को लेकर उठ रहा है, जहां कथित तौर पर 97% वोट बीजेपी को मिले।
316 वोट से बदली पूरी कहानी
राजारहाट न्यू टाउन सीट पर मुकाबला बेहद कांटे का था। बीजेपी उम्मीदवार पियूष कनोडिया और तृणमूल कांग्रेस के तपस चटर्जी के बीच हर राउंड में करीबी टक्कर चल रही थी।
17 राउंड की मतगणना पूरी होने तक TMC उम्मीदवार मामूली बढ़त बनाए हुए थे। देर रात तक तस्वीर यही थी कि सीट तृणमूल कांग्रेस के खाते में जाती दिख रही है। लेकिन अगले दिन हुई अंतिम गिनती ने पूरी बाजी पलट दी।
आखिरकार बीजेपी उम्मीदवार पियूष कनोडिया मात्र 316 वोटों से चुनाव जीत गए। यही वह अंतर था, जिसने पूरे चुनावी परिणाम को विवादों के केंद्र में ला दिया।
मुस्लिम बहुल बूथ बना सबसे बड़ा रहस्य
पूरा विवाद मुसलमान पाड़ा इलाके के बूथ नंबर 164 को लेकर खड़ा हुआ। यह इलाका मुस्लिम बहुल माना जाता है। इसी इलाके में दूसरा बूथ नंबर 165 भी मौजूद है।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक बूथ नंबर 164 पर कुल 656 वोट पड़े, जिनमें से 637 वोट बीजेपी को मिले। यानी लगभग 97% वोट सीधे BJP के खाते में गए। रिपोर्ट्स के अनुसार इनमें बड़ी संख्या मुस्लिम मतदाताओं की थी।
यहीं से राजनीतिक हलकों में सवाल उठने शुरू हो गए कि जिस राज्य में वर्षों से मुस्लिम वोट बैंक TMC के साथ मजबूती से खड़ा रहा, वहां एक मुस्लिम बहुल बूथ से BJP को इतना बड़ा समर्थन कैसे मिल गया।
पास के दूसरे बूथ का रिजल्ट बिल्कुल अलग
सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह रही कि उसी इलाके के दूसरे बूथ नंबर 165 पर तस्वीर बिल्कुल उलट दिखाई दी। यहां भी मुस्लिम आबादी बहुमत में थी, लेकिन बीजेपी को महज 32 वोट मिले। जबकि तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों को सबसे ज्यादा समर्थन मिला। एक ही इलाके के दो मुस्लिम बहुल बूथों में इतना बड़ा अंतर चुनावी विश्लेषकों और विपक्ष दोनों को चौंका रहा है।
TMC ने उठाए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल
तृणमूल कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चुनाव परिणामों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। TMC सांसद सागरिका घोष ने आरोप लगाया कि मतगणना प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई। उन्होंने कहा कि जिस बूथ की गिनती आखिरी में हुई, उसी ने पूरा रिजल्ट पलट दिया। उन्होंने चुनाव आयोग और संस्थाओं की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए इसे “चुनाव चोरी” जैसा मामला बताया।
EVM पर भी उठे सवाल
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने भी इस मामले को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि किसी मुस्लिम बहुल बूथ से BJP को 97% वोट मिलना सामान्य राजनीतिक व्यवहार से मेल नहीं खाता।
उन्होंने आशंका जताई कि या तो EVM में छेड़छाड़ हुई, या फिर वोटों की घोषणा वास्तविक रिकॉर्ड से अलग की गई। हालांकि चुनाव आयोग की ओर से अब तक इस पूरे मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आखिर क्यों चौंकाने वाला है यह रिजल्ट?
पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से मुस्लिम वोट बैंक तृणमूल कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत माना जाता रहा है। 2021 विधानसभा चुनाव और 2024 लोकसभा चुनावों में बीजेपी को मुस्लिम वोटों का बेहद छोटा हिस्सा मिला था।
लेकिन 2026 चुनाव में कई मुस्लिम बहुल सीटों पर वोटों का बंटवारा देखने को मिला। कांग्रेस, वाम दल, ISF और अन्य क्षेत्रीय दलों ने TMC के परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगाई। विश्लेषकों का मानना है कि इसी वोट बिखराव का सबसे बड़ा फायदा बीजेपी को मिला।
BJP की बड़ी जीत, लेकिन विवाद भी साथ
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में बीजेपी ने 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई। लेकिन राजारहाट न्यू टाउन सीट का यह रहस्य अब भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक बूथ की गिनती ने न सिर्फ सीट का नतीजा बदला, बल्कि चुनावी प्रक्रिया पर भी कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।और पलट गई पूरी बाजी!