Atal Canteen Yojana: सिर्फ ₹5 में मिलेगा भरपेट खाना! जानिए कहां-कहां पहले से चल रही हैं ऐसी स्कीम
Atal Canteen Yojana: दिल्ली में अब भूख किसी की मजबूरी नहीं रहेगी। भाजपा ने अपने घोषणा-पत्र में राजधानी के गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए एक नई सामाजिक पहल अटल कैंटीन योजना (Atal Canteen Yojana) की घोषणा की है। इस योजना के तहत झुग्गी-झोपड़ी और मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों को मात्र ₹5 में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। भाजपा का दावा है कि यह योजना लागू होने के बाद दिल्ली में कोई भी गरीब व्यक्ति भूखा नहीं रहेगा।
क्या है अटल कैंटीन योजना?
अटल कैंटीन योजना भाजपा के दिल्ली विधानसभा चुनाव घोषणा-पत्र का एक प्रमुख वादा है। इस योजना का उद्देश्य राजधानी की मलिन बस्तियों, झुग्गियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को बेहद सस्ते दामों पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है।
कब से होगी योजना की शुरुआत
योजना के तहत - हर लाभार्थी को ₹5 में एक पौष्टिक थाली दी जाएगी। शुरुआत में 100 अटल कैंटीनें दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में स्थापित की जाएंगी। प्रत्येक कैंटीन में सुबह से दोपहर तक दिन का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। एक परिवार के सभी सदस्य इस योजना का लाभ ले सकेंगे। योजना की शुरुआत 25 दिसंबर, यानी अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर की जाएगी।
क्यों जरूरी है यह योजना
दिल्ली की मलिन बस्तियों में रहने वाले लाखों लोग आज भी एक समय का भोजन जुटाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मजदूर, रिक्शा चालक, सफाईकर्मी और रोज़मर्रा की दिहाड़ी पर काम करने वाले लोग अक्सर महंगे बाजार के कारण पौष्टिक खाना नहीं खा पाते। अटल कैंटीन योजना’ ऐसे ही वर्गों के लिए राहत लेकर आएगी।
Atal Canteen Yojana के 3 फायदे
गरीब और मजदूर वर्ग को पौष्टिक भोजन सस्ती दरों पर मिलेगा।
झुग्गी बस्तियों में भूख और कुपोषण की समस्या घटेगी।
दिल्ली में “नो हंगर जोन” की दिशा में कदम बढ़ेगा।
पात्रता की शर्तें
- केवल उन्ही व्यक्तियों को अटल कैंटीन योजना के तहत 5 रूपए में भोजन की थाली दी जाएगी जो योजना में लिखित निम्नलिखित पात्रता को पूर्ण करेंगे।
- लाभार्थी दिल्ली का स्थायी निवासी हो।
- लाभार्थी दिल्ली के झुगी झोपडी में रहता हो।
- योजना का लाभ परिवार के सभी सदस्य को मिलने की संभावना है।
देश के अन्य राज्यों में भी चल रही हैं ऐसी योजनाएं
दिल्ली में अटल कैंटीन योजना कोई पहली पहल नहीं है। देश के कई राज्यों में कम कीमत पर भोजन देने वाली योजनाएं पहले से चल रही हैं। आइए जानते हैं कहां कहां चल रही अटल कैंटीन जैसी योजनाएं, जहां 1 रुपये से लेकर 5 रुपये तक में लोगों को भरपेट भोजन कराया जाता है।
राजस्थान: मात्र ₹1 में भरपेट भोजन
राजस्थान में समाजसेवी संगठनों और सरकार की साझेदारी से “अन्न सेवा केंद्र” चलाए जा रहे हैं।
जयपुर, जोधपुर, अजमेर और उदयपुर जैसे शहरों में लोग ₹1 में दाल-चावल-सब्जी-रोटी-सलाद वाला भोजन करते हैं। त्योहारों पर यहां विशेष मिठाइयां और पकवान भी परोसे जाते हैं।
इसके अलावा राज्य सरकार की अन्नपूर्णा योजना भी सक्रिय है।
हरियाणा: अटल किसान मजदूर कैंटीन
हरियाणा सरकार ने वर्ष 2020 में “अटल किसान मजदूर कैंटीन” की शुरुआत की थी।
यह योजना खेती और मजदूरी करने वालों को लक्षित करती है।
यहां मौसम के अनुसार ₹10 से ₹25 तक की थाली मिलती है, जिसमें दाल, चावल, सब्जी और रोटी होती है।
हर कैंटीन में रोज़ 200 से ज्यादा मजदूर भोजन करते हैं।
तमिलनाडु: अम्मा कैंटीन की मिसाल
तमिलनाडु में पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता ने “अम्मा कैंटीन” शुरू की थी। यहां नाश्ता, दोपहर और रात का खाना — सिर्फ ₹5 में मिलता है। राज्य के हजारों शहरी गरीब रोज़ाना इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
कर्नाटक: इंदिरा कैंटीन
कर्नाटक सरकार ने 2017 में “इंदिरा कैंटीन” शुरू की थी। यहां नाश्ता ₹5 और दोपहर-रात का खाना ₹10 में मिलता है। सिर्फ बेंगलुरु में ही 185 कैंटीनें हैं, जहां रोज़ाना 1.5–2 लाख लोग भोजन करते हैं।
उड़ीसा: आहार योजना
उड़ीसा में 2015 से “आहार योजना” चल रही है। राज्य में 167 आहार केंद्र हैं, जिनमें से आधे अस्पताल परिसरों में बने हैं। यहां सोमवार से शनिवार तक केवल ₹5 में भोजन मिलता है। रोज़ाना एक लाख लोग इस योजना से भोजन करते हैं।
तेलंगाना: अन्नपूर्णा कैंटीन
तेलंगाना सरकार ने 2014 में “अन्नपूर्णा कैंटीन” शुरू की थी। यह योजना हैदराबाद से शुरू होकर आज पूरे राज्य में 150 से अधिक कैंटीनों तक फैल चुकी है। यहां ₹5 में भरपेट थाली दी जाती है। सरकार इस योजना को हरे कृष्ण मूवमेंट चैरिटेबल फाउंडेशन के साथ मिलकर चलाती है।
अटल कैंटीन योजना से क्या उम्मीदें हैं?
राजनीतिक तौर पर यह योजना भाजपा के लिए “ग्रासरूट-कनेक्ट” बनाने का जरिया है, लेकिन सामाजिक दृष्टि से इसका मकसद बेहद मानवीय है — कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे- अगर योजना सही ढंग से लागू होती है, तो यह न केवल गरीबों के पेट भरने, बल्कि शहरों में पोषण असमानता कम करने में भी बड़ी भूमिका निभा सकती है।
FAQs on Atal Canteen Yojana
- अटल कैंटीन योजना क्या है?
अटल कैंटीन योजना दिल्ली सरकार की एक सामाजिक पहल है, जिसके तहत झुग्गी-बस्तियों और गरीब इलाकों में रहने वाले लोगों को सिर्फ ₹5 में भरपेट पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। - अटल कैंटीन योजना कब से शुरू होगी?
इस योजना की शुरुआत 25 दिसंबर 2025 से की जाएगी। पहले चरण में दिल्ली के विभिन्न इलाकों में लगभग 100 अटल कैंटीन शुरू की जाएंगी। - अटल कैंटीन योजना से किसे लाभ मिलेगा?
इस योजना का लाभ मलिन बस्तियों और स्लम एरिया में रहने वाले गरीब परिवारों को मिलेगा। कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति मात्र ₹5 में दिन का पौष्टिक खाना प्राप्त कर सकेगा। - क्या देश के अन्य राज्यों में भी ऐसी योजनाएं चल रही हैं?
हां, देश के कई राज्यों में इसी तरह की सस्ती भोजन योजनाएं पहले से चल रही हैं —
तमिलनाडु में अम्मा कैंटीन,
कर्नाटक में इंदिरा कैंटीन,
ओडिशा में आहार योजना,
राजस्थान में अन्न सेवा केंद्र,
और तेलंगाना में अन्नपूर्णा कैंटीन।
- अटल कैंटीन योजना के क्या फायदे होंगे?
गरीब और जरूरतमंद लोगों को सस्ता पौष्टिक भोजन मिलेगा।
शहरों में भूखमरी और कुपोषण की समस्या घटेगी।
झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में जीवन स्तर बेहतर होगा।
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