क्या सच में गिर गया US का सबसे ताकतवर जेट? ईरान ने कैसे किया अमेरिका पर बड़ा वार?
Iran US Conflicts: ईरान ने अमेरिकी F-15E और A-10 फाइटर जेट गिराने का दावा किया है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। जानें इन विमानों की ताकत, ईरान के इन्फ्रारेड मिसाइल सिस्टम की तकनीक और कैसे बदल रहा है युद्ध का पूरा समीकरण इस विस्तृत एक्सप्लेनर में।
ईरान का बड़ा दावा, अमेरिका के फाइटर जेट निशाने पर
मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान F-15E स्ट्राइक ईगल और A-10 थंडरबोल्ट II को मार गिराया है। अमेरिका की ओर से इस घटना की आंशिक पुष्टि करते हुए कहा गया है कि एक F-15 विमान को नुकसान हुआ, जिसमें सवार दो सदस्यों में से एक को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि दूसरा लापता है।
घटना के बाद बचाव अभियान में लगे अमेरिकी हेलीकॉप्टरों पर भी हमले की खबरें सामने आई हैं, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।
व्हाइट हाउस का बयान, ट्रंप ने क्या कहा?
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने कहा कि राष्ट्रपति Donald Trump को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे दी गई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस नुकसान का बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा और इसे युद्ध की स्थिति का हिस्सा बताया।
F-15E Strike Eagle: कितना ताकतवर है यह फाइटर जेट?
F-15E स्ट्राइक ईगल अमेरिकी वायुसेना का एक बेहद उन्नत मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जिसे हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों तरह के मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है। यह जेट लगभग 1,875 मील प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है और 60,000 फीट की ऊंचाई तक जा सकता है। इसकी खासियत इसका हाई थ्रस्ट-टू-वेट रेशियो है, जिससे यह तेजी से चढ़ाई और पैंतरेबाज़ी कर सकता है।
दो-सीटर डिजाइन वाले इस विमान में पायलट के साथ एक वेपन सिस्टम ऑफिसर भी होता है, जो मिशन के दौरान तकनीकी संचालन संभालता है।
A-10 Warthog: धीमा लेकिन बेहद घातक विमान
A-10 थंडरबोल्ट II, जिसे ‘वॉर्थोग’ कहा जाता है, खासतौर पर जमीनी समर्थन (Close Air Support) के लिए डिजाइन किया गया है।
इसकी अधिकतम गति भले ही करीब 420 मील प्रति घंटा है, लेकिन इसकी ताकत इसकी मजबूती और भारी हथियारों में है।
इसमें लगी गैटलिंग गन प्रति मिनट 3,900 गोलियां दाग सकती है, जो बख्तरबंद टारगेट्स को नष्ट करने के लिए बेहद प्रभावी है।
यह विमान भारी नुकसान झेलने के बाद भी उड़ान भरने में सक्षम माना जाता है।
ईरान ने कैसे गिराए ये अत्याधुनिक जेट?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने इन हमलों में इन्फ्रारेड आधारित सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल तकनीक का इस्तेमाल किया।
यह सिस्टम रडार पर निर्भर नहीं होता, बल्कि फाइटर जेट के इंजन से निकलने वाली गर्मी (हीट सिग्नेचर) को ट्रैक करता है।
जैसे ही मिसाइल का थर्मल सीकर लक्ष्य की गर्मी को पहचानता है, वह खुद ही उस लक्ष्य का पीछा करते हुए उसे हिट करता है।
इस तकनीक की खास बात यह है कि इसमें रडार सिग्नल का उपयोग नहीं होता, जिससे पायलट को समय रहते चेतावनी नहीं मिल पाती।
‘Majid’ सिस्टम: ईरान का नया हथियार
ईरान ने इन हमलों में अपने स्वदेशी ‘Majid’ एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल करने का दावा किया है।
यह सिस्टम खास तौर पर लो-फ्लाइंग एयरक्राफ्ट, ड्रोन और हेलीकॉप्टर को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने हाई-रिजॉल्यूशन इन्फ्रारेड सीकर्स और साइलेंट एयर डिफेंस नेटवर्क का इस्तेमाल कर अमेरिकी विमानों को चुनौती दी है।
क्या बदल रहा है युद्ध का समीकरण?
अगर ईरान के दावे सही साबित होते हैं, तो यह अमेरिकी एयर पावर के लिए एक बड़ा झटका माना जाएगा। यह घटना दिखाती है कि आधुनिक युद्ध में अब सिर्फ महंगे और तेज फाइटर जेट ही नहीं, बल्कि स्मार्ट और साइलेंट डिफेंस सिस्टम भी उतने ही अहम हो गए हैं। इससे भविष्य के युद्धों में तकनीकी रणनीति और भी महत्वपूर्ण हो सकती है।