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शाखो पर पीले पत्ते को, मत तोड़ो

 

शाखो पर; लगे पीले पत्ते को, मत तोड़ो

चंद दिनो में ये, खुद ही झर जायेंगे।

घड़ी दो घड़ी बूढ़ो से भी बतियाओ

फिर; तुमसे बतियाने थे कब आयेंगें।

खर्चा करने दोः बिन कारण हँसने दो

छोड़ तुम्हारे लिये ही ये सब कुछ जायेगें।

कह लेने दो एक बात को बार-बार

फिर; न जाने ये कब चुप हो जायेगे।

ले लो जितनी चाहे आशीष इनसे

कल तस्वीरो में ही नज़र आयेंगे।

सब परहेज छोड़, जो खाये खाने दो

नही; तो श्राद्ध में खाना खाने को चले आयेंगे !