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PM Modi Independence Day Speech 2026: Gen Z से ‘दिमागी नक्सल’ तक, लाल किले से PM मोदी के भाषण की 7 बड़ी बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से Gen Z, AI ट्रेनिंग, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, ‘शक्ति की सप्तधारा’ और विकसित भारत 2047 पर बड़ा संदेश दिया। पीएम ने ‘दिमागी नक्सल’ को लेकर भी चेताया और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की जरूरत बताई।
 

PM Modi Independence Day Speech 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से करीब 75 मिनट के संबोधन में युवा, टेक्नोलॉजी, विकसित भारत, महिला भागीदारी, नक्सलवाद और आत्मनिर्भरता समेत कई अहम मुद्दों पर बात की। पीएम मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का रोडमैप सामने रखते हुए युवाओं के लिए AI ट्रेनिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग जैसे बड़े ऐलान किए।

भाषण में पीएम मोदी ने देश के विकास के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का विजन भी रखा। साथ ही उन्होंने सशस्त्र नक्सलवाद के कमजोर होने का दावा करते हुए वैचारिक प्रभाव को लेकर ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया और ऐसे तत्वों को पहचानकर अलग-थलग करने की बात कही।

Gen Z और युवाओं पर PM मोदी का सबसे ज्यादा फोकस

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में देश के युवाओं को विकास की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य का सबसे बड़ा लाभ भी युवाओं को मिलेगा और इस लक्ष्य को हासिल करने में सबसे बड़ी भूमिका भी युवा निभाएंगे।

युवाओं को नई तकनीक के लिए तैयार करने के लिए पीएम मोदी ने एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी स्किल्स की ट्रेनिंग देने की घोषणा की। उन्होंने AI के साथ क्वांटम टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, स्पेस और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों को भी भविष्य की महत्वपूर्ण तकनीकों के तौर पर रेखांकित किया।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग

युवाओं और खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए प्रधानमंत्री ने मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने का ऐलान किया।

पीएम मोदी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग का खर्च गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर बड़ा आर्थिक बोझ बन गया है। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और देश के शिक्षकों की मदद से युवाओं को ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जाएगा।

‘शक्ति की सप्तधारा’ से विकसित भारत का रोडमैप

पीएम मोदी ने भारत के विकास के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का खाका भी सामने रखा। इसके तहत विकास की सात प्रमुख धाराओं पर जोर दिया गया है।

इसमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा उत्पादन, ग्रीन एवं ब्लू इकोनॉमी और भारत की सॉफ्ट पावर शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने इन क्षेत्रों को भारत की आर्थिक और रणनीतिक ताकत बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बताया।

‘दिमागी नक्सल’ पर PM मोदी का बड़ा बयान

भाषण के दौरान नक्सलवाद का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने सशस्त्र नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है, लेकिन नक्सली विचारधारा के प्रभाव को लेकर अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है।

पीएम मोदी ने ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें अलग-थलग करना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि वैचारिक नक्सली सोच रखने वाले लोग अलग-अलग प्रभावशाली जगहों पर मौजूद रहकर युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सल हिंसा ने लंबे समय तक युवाओं और देश के कई हिस्सों के भविष्य को प्रभावित किया। उन्होंने सुरक्षा बलों के बलिदान का भी जिक्र किया और बताया कि हजारों सुरक्षाकर्मियों ने नक्सल हिंसा के खिलाफ लड़ाई में जान गंवाई है।

महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर जोर

प्रधानमंत्री ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की भी बात कही। उन्होंने राजनीतिक दलों से मतभेदों को अलग रखते हुए संसद और विधानसभा में महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण को सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

पीएम मोदी ने स्वतंत्रता की शताब्दी यानी 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को अपने भाषण का केंद्रीय विषय बनाया। इसके लिए उन्होंने आत्मनिर्भरता, ऊर्जा सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिजों, तकनीक और घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया।

उनका संदेश था कि भारत को आने वाले वर्षों में अपनी क्षमताओं का इस्तेमाल करके तेज आर्थिक विकास के साथ-साथ रणनीतिक रूप से भी मजबूत बनना होगा।

युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का संदेश

प्रधानमंत्री के भाषण में युवाओं को अवसर देने और उन्हें देश के विकास से जोड़ने पर खास जोर रहा। AI स्किलिंग और फ्री ऑनलाइन कोचिंग के ऐलान के साथ सरकार की कोशिश युवाओं को शिक्षा, रोजगार, तकनीक और उद्यमिता के नए अवसरों से जोड़ने की दिखाई दी।