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Teachers' Day 2026: राजनाथ सिंह से मायावती तक, राजनीति में आने से पहले शिक्षक थे ये 6 बड़े नेता

Teachers' Day 2026: 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। देश की राजनीति में कई ऐसे बड़े नेता रहे हैं, जिन्होंने सियासत में आने से पहले शिक्षक के तौर पर काम किया। राजनाथ सिंह, मायावती, मुलायम सिंह यादव, कल्याण सिंह, मुरली मनोहर जोशी और रामगोपाल यादव भी इनमें शामिल हैं।
 

Teachers' Day 2026: हर साल 5 सितंबर को देश में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारत के दूसरे राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षकों के सम्मान में मनाया जाता है। देश की राजनीति में ऐसे कई बड़े नाम हैं, जिन्होंने सियासत में कदम रखने से पहले शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इनमें राजनाथ सिंह, मुलायम सिंह यादव, मायावती, कल्याण सिंह, मुरली मनोहर जोशी और रामगोपाल यादव जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं।

राजनाथ सिंह

केंद्रीय रक्षा मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह राजनीति में आने से पहले शिक्षक थे। उन्होंने मिर्जापुर के केबी पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में भौतिकी के व्याख्याता के तौर पर काम किया। इसी दौरान उनका संपर्क राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से हुआ और इसके बाद उन्होंने राजनीति की राह पकड़ी।

राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा वह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

मुलायम सिंह यादव

समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे मुलायम सिंह यादव का राजनीतिक जीवन शुरू होने से पहले शिक्षा के क्षेत्र से भी जुड़ाव रहा। उन्हें पहलवानी का शौक था और उन्होंने करहल में व्याख्याता के रूप में भी काम किया।

इसके बाद मुलायम सिंह यादव ने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक प्रमुख भूमिका निभाई।

मायावती

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती भी राजनीति में आने से पहले शिक्षक थीं। उन्होंने दिल्ली की एक झुग्गी बस्ती यानी जेजे कॉलोनी के स्कूल में पढ़ाया।

बाद में कांशीराम के आग्रह पर उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया। मायावती चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं और प्रदेश की राजनीति में एक प्रमुख दलित महिला नेता के तौर पर अपनी पहचान बनाई।

कल्याण सिंह

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का भी राजनीति में आने से पहले शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ाव रहा। उन्हें बचपन से ही पढ़ाने में रुचि थी। उन्होंने रायपुर मुजफ्फरनगर स्थित केसीए इंटर कॉलेज में शिक्षक के तौर पर सेवाएं दीं।

बाद में संघ से जुड़ने के बाद उन्होंने शिक्षा का क्षेत्र छोड़कर सक्रिय राजनीति का रास्ता चुना और उत्तर प्रदेश की राजनीति के प्रमुख नेताओं में शामिल हुए।

मुरली मनोहर जोशी

भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल मुरली मनोहर जोशी भी शिक्षा के क्षेत्र से राजनीति में आए। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने वहीं प्रोफेसर के रूप में काम किया।

शिक्षण कार्य के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और आगे चलकर भाजपा के शीर्ष नेताओं में अपनी जगह बनाई।

रामगोपाल यादव

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव, मुलायम सिंह यादव के भाई हैं। राजनीति में सक्रिय होने से पहले उन्होंने भी शिक्षा के क्षेत्र में काम किया। वह इटावा के केके पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में पहले भौतिकी और बाद में राजनीति विज्ञान के व्याख्याता रहे।

इसके बाद रामगोपाल यादव ने राजनीति में कदम रखा और उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक प्रमुख नेता के तौर पर पहचान बनाई।