13 साल में 4 करीबियों की मौत, हर केस बना पहेली? आखिर क्यों लगातार निशाने पर रहे सुवेंदु अधिकारी के करीबी?
पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के करीबी चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद पिछले 13 सालों में उनके चार करीबियों की मौत का मामला फिर चर्चा में है। फुटपाथ पर मिली लाश, गोलीकांड और संदिग्ध मौतों ने कई सवाल खड़े किए, लेकिन अब तक किसी मामले की सच्चाई पूरी तरह सामने नहीं आई।
सुवेंदु अधिकारी के करीबी और निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में फिर हलचल तेज हो गई है। पिछले 13 सालों में सुवेंदु अधिकारी के चार करीबी अलग-अलग घटनाओं में जान गंवा चुके हैं। किसी की लाश फुटपाथ पर मिली, किसी की गोली लगने से मौत हुई तो किसी की मौत को संदिग्ध बताया गया। हर मामले के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप हुए, लेकिन आज तक किसी भी केस की पूरी सच्चाई सामने नहीं आ पाई।
2013: फुटपाथ पर मिला था प्रदीप झा का शव
इस सिलसिले की शुरुआत साल 2013 से मानी जाती है। उस समय सुवेंदु अधिकारी तृणमूल कांग्रेस में थे और तमलुक से सांसद थे। 3 अगस्त 2013 को उनके निजी सहायक प्रदीप झा का शव कोलकाता के स्ट्रैंड रोड इलाके में फुटपाथ पर मिला था। प्रदीप झा TMC विधायक हाजी नरूल इस्लाम के साथ भी काम कर चुके थे।
पुलिस को सुबह सूचना मिली थी कि सड़क किनारे एक व्यक्ति बेहोश पड़ा है। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो वह प्रदीप झा निकले। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उनके पेट में काफी मात्रा में शराब पाई गई थी और सांस की नली में खाने के कण फंसे थे। हालांकि उनके चेहरे पर चोट के निशान भी मिले थे। इसके बावजूद उनकी मौत की असली वजह आज तक साफ नहीं हो सकी।
2018: बॉडीगार्ड शुभ्रता चक्रवर्ती की गोली लगने से मौत
करीब पांच साल बाद साल 2018 में एक और घटना ने सुर्खियां बटोरी। उस समय सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल सरकार में परिवहन मंत्री थे। 13 अक्टूबर 2018 को खबर आई कि उनके बॉडीगार्ड शुभ्रता चक्रबर्ती को सिर में गोली लगी है। घटना सुवेंदु अधिकारी के घर के पास पुलिस बैरक में हुई थी।
उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अगले दिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शुरुआत में पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया, लेकिन शुभ्रता की पत्नी सुपर्णा चक्रवर्ती ने हत्या की आशंका जताई।
बाद में मामले की जांच CID को सौंपी गई। हत्या और आपराधिक साजिश की धाराओं में FIR दर्ज हुई। जांच के दौरान कई पुलिसकर्मियों से पूछताछ हुई, लेकिन इस केस में भी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया।
2021: चुनाव के बाद पुलक लाहिरी की संदिग्ध मौत
साल 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ रहे थे। इसी सीट पर उनका मुकाबला ममता बनर्जी से था। चुनाव में जीत के कुछ समय बाद उनके करीबी और ड्राइवर पुलक लाहिरी की मौत की खबर सामने आई। पुलक नंदीग्राम में काउंटिंग एजेंट भी थे और लंबे समय से सुवेंदु के साथ जुड़े हुए थे। मीडिया रिपोर्ट्स में उनकी मौत को असामान्य बताया गया, लेकिन बाकी मामलों की तरह इस केस में भी कोई ठोस जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई।
2026: चंद्रनाथ रथ की सरेआम गोली मारकर हत्या
अब साल 2026 में चंद्रनाथ रथ की हत्या ने इन पुराने मामलों को फिर चर्चा में ला दिया है। 6 मई की रात करीब 10:30 बजे चंद्रनाथ रथ को गोली मार दी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह कोलकाता से मध्यमग्राम स्थित अपने घर लौट रहे थे। उनकी स्कॉर्पियो कार ड्राइवर चला रहा था और चंद्रनाथ बगल की सीट पर बैठे थे।
इसी दौरान एक कार और दो बाइक पर सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी का पीछा शुरू किया। दोहरिया जंक्शन के पास हमलावरों ने उनकी स्कॉर्पियो को रोक लिया और बाइक सवार बदमाशों ने बाईं तरफ से फायरिंग शुरू कर दी। हमले के बाद आरोपी फरार हो गए। गंभीर हालत में चंद्रनाथ को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हर मौत के बाद उठे सवाल, लेकिन जवाब अब भी नहीं
पिछले 13 वर्षों में सुवेंदु अधिकारी के चार करीबी अलग-अलग घटनाओं में जान गंवा चुके हैं। कहीं मौत की वजह साफ नहीं हुई, कहीं हत्या और आत्महत्या के बीच सवाल उठे, तो कहीं जांच के बावजूद कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया। इन घटनाओं को लेकर बंगाल की राजनीति में लगातार आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। लेकिन इतने वर्षों बाद भी इन मौतों का पूरा सच अब तक रहस्य बना हुआ है।