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IIT में बिना JEE के एडमिशन का सुनहरा मौका! स्किल-बेस्ड कोर्स शुरू
 

 

नई दिल्ली। हर साल लाखों छात्र जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड की तैयारी में जुटे रहते हैं, लेकिन आईआईटी में पढ़ाई का रास्ता सिर्फ जेईई तक सीमित नहीं है। देश के टॉप आईआईटी संस्थानों ने युवाओं को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने के लिए जेईई के बिना स्किल-बेस्ड आवासीय प्रोग्राम शुरू किए हैं। इन कोर्सेज में छात्र आईआईटी कैंपस में रहकर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग ले सकते हैं और इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स हासिल कर सकते हैं।

पावर इलेक्ट्रॉनिक्स कोर्स (6 महीने का आवासीय प्रोग्राम)

आईआईटी मद्रास, आईआईटी कानपुर और आईआईटी बॉम्बे ने मिलकर पावर इलेक्ट्रॉनिक्स का 6 महीने का रेजिडेंशियल कोर्स शुरू किया है। इस कोर्स में चयनित छात्रों को हर महीने 10,000 रुपये का स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। 

योग्यता: इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग या संबंधित क्षेत्र में बीई/बीटेक डिग्री के साथ कम से कम 2 साल का अनुभव।  
चयन प्रक्रिया: स्क्रीनिंग और इंटरव्यू।  
सीटें: कुल 30 (प्रत्येक आईआईटी में 10-10)।  
आधिकारिक वेबसाइट: www.power-electronics.vercel.app

आईआईटी मंडी के आकर्षक समर प्रोग्राम

‘हिमशिखर’ समर प्रोग्राम 
अवधि: 2 महीने  
विषय: सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और एंटरप्रेन्योरशिप।  
योग्यता: 12वीं पास से लेकर ग्रेजुएट्स तक।  
चयन: एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग और काउंसलिंग।  
आवेदन अंतिम तिथि: 10 मई 2026  
सत्र: 18 मई 2026 से शुरू।

प्रयास 4' AI-रोबोटिक्स कोर्स  
यह शॉर्ट-टर्म आवासीय कोर्स जून-जुलाई 2026 में चलेगा। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) की हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी जाएगी।  
खास बात: कोई पूर्व तकनीकी ज्ञान जरूरी नहीं। 12वीं पास छात्र आसानी से आवेदन कर सकते हैं।  
चयन: पहले आओ-पहले पाओ या प्रोफाइल आधारित।  
आवेदन: मई के तीसरे सप्ताह तक।  
आधिकारिक वेबसाइट: www.cce.iitmandi.ac.in

इन सभी कोर्सेज को पूरा करने वाले छात्रों को आईआईटी का सर्टिफिकेट दिया जाएगा, जो करियर में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि आवेदन करने से पहले संबंधित आईआईटी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर कोर्स सिलेबस, फीस और अन्य जरूरी डिटेल्स अवश्य पढ़ लें।

ये कार्यक्रम आईआईटी की गुणवत्ता वाली शिक्षा को ज्यादा से ज्यादा छात्रों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।