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रेलवे भर्ती परीक्षाओं में बड़ा बदलाव: अब CBT नहीं, TBT मोड में होंगे एग्जाम; टैबलेट पर देंगे परीक्षा
 

 

नई दिल्ली। रेलवे भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी खबर है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) जल्द ही भर्ती परीक्षाओं के स्वरूप में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत रेलवे भर्ती परीक्षाएं अब चरणबद्ध तरीके से टैबलेट-बेस्ड टेस्ट (TBT) मोड में आयोजित की जाएंगी।

शुक्रवार को नई दिल्ली में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में रेल मंत्री ने भर्ती प्रक्रियाओं में आधुनिक तकनीक के अधिक उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं के लिए टैबलेट-बेस्ड टेस्टिंग (TBT) का दायरा बढ़ाया जाएगा, जबकि विभागीय परीक्षाएं कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में ही आयोजित होंगी।

क्या है TBT मोड?

TBT यानी टैबलेट-बेस्ड टेस्ट एक डिजिटल परीक्षा प्रणाली है, जिसमें अभ्यर्थियों को कंप्यूटर की बजाय टचस्क्रीन टैबलेट उपलब्ध कराया जाएगा। उम्मीदवार टैबलेट पर ही प्रश्न पढ़ेंगे और स्क्रीन को टच करके अपने उत्तर दर्ज करेंगे।

CBT और TBT में क्या है अंतर?

वर्तमान CBT प्रणाली में उम्मीदवार डेस्कटॉप कंप्यूटर पर माउस और कीबोर्ड की मदद से परीक्षा देते हैं। वहीं TBT में टचस्क्रीन टैबलेट का इस्तेमाल होगा, जो स्मार्टफोन की तरह संचालित किया जा सकेगा।

रेलवे के अनुसार, TBT प्रणाली में प्रश्नपत्र पूरी तरह एन्क्रिप्टेड होंगे और परीक्षा शुरू होने से कुछ मिनट पहले ही टैबलेट पर लोड किए जाएंगे। इससे पेपर लीक और तकनीकी गड़बड़ियों की संभावना काफी कम हो जाएगी।

इसके अलावा टैबलेट की छोटी स्क्रीन और व्यक्तिगत उपयोग के कारण नकल की संभावनाएं भी कम होंगी। रेलवे का मानना है कि अधिकांश युवाओं के लिए टैबलेट का उपयोग करना कंप्यूटर की तुलना में अधिक आसान होगा।

भर्ती प्रक्रिया होगी और तेज

रेल मंत्रालय का कहना है कि टैबलेट-बेस्ड टेस्टिंग से परीक्षा केंद्रों के संचालन में भी आसानी होगी। बड़े कंप्यूटर लैब की आवश्यकता कम होगी और विभिन्न स्थानों पर परीक्षा आयोजित करना अधिक सुविधाजनक बनेगा। इससे भर्ती प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे भर्ती प्रणाली को आधुनिक और विश्वसनीय बनाने के लिए लगातार तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं, ताकि अभ्यर्थियों को निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा वातावरण मिल सके।